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चंडीगढ़! रेप क्राइम रेट में देश में नंबर-1 बना सिटी ब्यूटीफुल, NCRB रिपोर्ट में खौफनाक खुलासा

May 08, 2026 10:15 AM

चंडीगढ़।  जिसे देश के सबसे व्यवस्थित और सुरक्षित शहरों में गिना जाता है, वहां से आई एक रिपोर्ट ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की साल 2024 की ताजा रिपोर्ट बताती है कि चंडीगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों ने रौद्र रूप ले लिया है। आंकड़ों के आईने में देखें तो चंडीगढ़ का रेप क्राइम रेट देश में सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। यहां हर एक लाख की आबादी पर 16.6 महिलाएं दुष्कर्म जैसी दरिंदगी का शिकार हो रही हैं, जो राष्ट्रीय औसत और अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले कहीं अधिक चिंताजनक है।

मासूमों पर भी रहम नहीं: छोटी बच्चियों के साथ बढ़ी दरिंदगी

रिपोर्ट के सबसे डरावने हिस्से की बात करें तो अपराधियों ने मासूम बच्चियों को भी नहीं बख्शा है। साल 2024 में दर्ज हुए कुल 96 मामलों में से एक बड़ा हिस्सा नाबालिगों से जुड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, 6 से 12 साल की 4 मासूम बच्चियां हवस का शिकार हुईं, जबकि 12 से 16 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के 30 मामले दर्ज किए गए। वहीं, 16 से 18 साल की 13 किशोरियां इस अपराध का शिकार बनीं। सबसे अधिक 18 से 30 साल की युवतियों को निशाना बनाया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि शहर में उम्र का कोई भी पड़ाव महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।

अपराध का ग्राफ: 3 साल में तेजी से बिगड़े हालात

पिछले तीन वर्षों के ट्रेंड को देखें तो चंडीगढ़ में महिलाओं के प्रति अपराध की प्रवृत्ति कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। साल 2022 में जहां कुल 325 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2023 में यह संख्या 371 तक पहुंची और अब 2024 में यह आंकड़ा छलांग लगाकर 452 पर खड़ा है। इसमें केवल रेप ही नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के मामलों ने भी रिकॉर्ड तोड़े हैं। पति और रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना के 162 मामले दर्ज होना यह दर्शाता है कि महिलाएं न केवल सड़क पर, बल्कि अपने घरों की चारदीवारी के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं।

सिर्फ महिलाओं के खिलाफ ही नहीं, ओवरऑल क्राइम में भी इजाफा

NCRB की इस विस्तृत रिपोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। साल 2024 में शहर में कुल 3621 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा सेंधमारी और चोरी के 1387 मामले सामने आए हैं। वाहन चोरी के 189 केस और स्नैचिंग की 58 घटनाओं ने आम नागरिकों की नींद उड़ा रखी है। इसके अलावा 21 हत्याओं और 176 अपहरण के मामलों ने शहर की शांति पर दाग लगाया है। लगातार बढ़ते इन आंकड़ों ने प्रशासन को अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

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