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Chandigarh News: चंडीगढ़ मेयर सौरभ जोशी ने मांगी अतिरिक्त सुरक्षा, धमकियों का हवाला देकर प्रशासन को लिखा पत्र

Jun 12, 2026 10:08 AM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी ने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को भेजे पत्र में दावा किया है कि उन्हें और नगर निगम से जुड़े विभिन्न कार्यों के कारण उग्रवादी तथा खालिस्तान समर्थक तत्वों से धमकियां मिल रही हैं। मेयर का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए और खतरे के स्तर के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। इस पत्र के सामने आने के बाद शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

मेयर सौरभ जोशी ने बुधवार को लिखे पत्र में कहा कि नगर निगम को समय-समय पर विभिन्न प्रकार की धमकियां मिलती रही हैं। उन्होंने बताया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के कारण उन्हें लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों, नागरिक बैठकों और विभिन्न सामाजिक आयोजनों में भाग लेना पड़ता है। ऐसे माहौल में सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं और किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। मेयर ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनके मामले को गंभीरता से देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा खतरे का आकलन कराया जाए।

फिलहाल दो पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात

मेयर को वर्तमान में दो पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा की मांग उठाई है। इसी मुद्दे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा एजेंसियों के पास किसी संभावित खतरे की जानकारी है तो सुरक्षा बढ़ाना उचित कदम होगा। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त दिखाई देती है और किसी भी निर्णय से पहले विस्तृत जांच जरूरी है।

इस मामले की एक खास बात यह भी है कि नगर निगम कमिश्नर, जिनके पास पूरे निगम प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, उन्हें केवल एक सुरक्षा गार्ड उपलब्ध है। जबकि मेयर को पहले से दो पुलिसकर्मियों की सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षा की मांग को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सुरक्षा संबंधी फैसले केवल खतरे के वास्तविक आकलन के आधार पर ही होने चाहिए, न कि पद की प्रकृति के आधार पर।

कार्यकाल के बीच उठी सुरक्षा बढ़ाने की मांग

सौरभ जोशी का मेयर के रूप में कार्यकाल एक वर्ष का है और उसका लगभग आधा समय पूरा हो चुका है। ऐसे समय में सुरक्षा बढ़ाने की मांग किए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि मेयर का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के कारण जोखिम लगातार बने रहते हैं। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

नगर निगम और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मेयर का पत्र संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुका है। संभावना है कि पुलिस विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जाए। खतरे के स्तर, उपलब्ध इनपुट और सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर ही प्रशासन यह तय करेगा कि मेयर सौरभ जोशी की सुरक्षा बढ़ाई जाए या वर्तमान व्यवस्था को ही जारी रखा जाए। फिलहाल पूरे मामले पर अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

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