Chandigarh News: ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर 27 लाख ठगे, गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Mar 10, 2026 10:32 AM
चंडीगढ़: यूटी पुलिस के साइबर क्राइम थाना ने निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह कार्रवाई यूटी चंडीगढ़ की एसपी साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशों पर की गई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य जैन (26 वर्षीय), जयपुर, राजस्थान निवासी के रूप में हुई है, जिसे इस साइबर ठगी गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। यह मामला 17 फरवरी 2024 को दर्ज एफआईआर \ के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें आईपीसी की धारा 419, 420 और 120-बी के साथ बाद में 467, 468 और 471 भी जोड़ी गई थीं।
शिकायतकर्ता सचिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उन्हें फेसबुक पर स्टॉक मार्केट में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसके बाद उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां आरोपियों ने मोबाइल ऐप के जरिए निवेश करने के लिए प्रेरित किया। ऐप में फर्जी मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीता गया और “स्पिन एंड विन” जैसे फीचर तथा ट्रेडिंग टिप्स के नाम पर उन्हें निवेश के लिए उकसाया गया। इस दौरान पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 27 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए।
जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते फर्जी तरीके से खोले गए थे और एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क के तहत संचालित हो रहे थे। इससे पहले पुलिस जयपुर में छापेमारी कर तीन आरोपियों—मंजीत बुरी, आशीष सक्सेना और हिमांशु गौतम—को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक आदित्य जैन वारदात के बाद दुबई फरार हो गया था, जिसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। बाद में उसे एक अन्य मामले में राजस्थान पुलिस ने इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार किया। प्रोडक्शन वारंट पर उसे 7 मार्च 2026 को इस केस में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों से बरामद मोबाइल नंबरों का संबंध देशभर में दर्ज 350 से अधिक साइबर ठगी शिकायतों और 13 एफआईआर से है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस को सूचना देने की अपील की है।