Chandigarh News: ट्रैफिक जाम कम करने के लिए सिग्नल सिस्टम होगा और प्रभावी, सीसीटीवी निगरानी होगी मजबूत
May 20, 2026 10:52 AM
चंडीगढ़: यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ पुलिस की कानून व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत, जवाबदेह और तकनीक से लैस बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, डीजीपी चंडीगढ़ डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी सुरक्षा एवं ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी सिटी कंवरदीप कौर, अतिरिक्त सचिव गृह अमित कुमार सहित चंडीगढ़ पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, अपराध नियंत्रण, दोषसिद्धि दर, तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने, ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर अपराध निगरानी प्रणाली और पुलिस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी। इसके अलावा पुलिस आधुनिकीकरण, नई इमारतों और अन्य परियोजनाओं, वाहनों की खरीद, बजट उपयोग और विभाग में खाली पदों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने नए आपराधिक कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि चंडीगढ़ इस मामले में अग्रणी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि सेनकॉप्स के तहत साइबर अपराधों की निगरानी के लिए जरूरी सिस्टम और प्रोटोकॉल तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें जल्द लागू किया जाएगा। साथ ही पुलिस रेडियो संचार प्रणाली को एनालॉग से डिजिटल मोड में बदलने की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्य सचिव ने कहा कि चंडीगढ़ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की क्षमता और विशेष प्रशिक्षण को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की राजधानी होने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण संस्थानों और बड़े बाजारों वाला शहर है, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने पुलिसिंग में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तैयार करने और बॉडी कैमरा फुटेज की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही जघन्य अपराधों, एनडीपीएस मामलों और साइबर अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। साइबर अपराधों को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं और पुलिस की तकनीकी क्षमता को मजबूत किया जाए।
ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम को ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति के अनुसार अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि जाम की समस्या कम हो और यातायात सुचारू रहे। मुख्य सचिव ने शहर के सभी लाइट प्वाइंट्स को स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में बदलने और कानून व्यवस्था व ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा ट्रैफिक चालान की रिकवरी प्रक्रिया को भी और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया।
उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) से लगते सीमावर्ती इलाकों में नाकों को और मजबूत करने तथा निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही बीट बॉक्स प्रणाली की नियमित समीक्षा कर उसे और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि पुलिस की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई क्षमता मजबूत हो सके।
बैठक में चंडीगढ़ पुलिस में अतिरिक्त जनशक्ति बढ़ाने, खाली पद भरने और अनुकंपा नियुक्तियों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कारागार एवं सुधार प्रशासन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें जीवंधारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अविष्कार अकादमी, मॉडल जेल में अतिरिक्त निर्माण कार्य तथा गौशाला और डेयरी फार्म स्थापित करने की योजनाएं शामिल हैं।