Chandigarh News: कलाग्राम में ‘वैसाखी उत्सव-2026’ की धूम, लोक रंगों में रंगा चंडीगढ़
Apr 13, 2026 10:45 AM
चंडीगढ़: भारत सरकार के नॉर्थ ज़ोन कल्चरल सेंटर (पटियाला) द्वारा आयोजित “वैसाखी उत्सव-2026” का आगाज़ रविवार को कलाग्राम में उत्साह और उमंग के साथ हुआ। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन में पंजाब की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और रंग-बिरंगी विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। उत्सव के पहले दिन संगरूर के प्रो. मेजर सिंह ने अपने सुमधुर पंजाबी लोक गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक लोक वाद्यों की मधुर धुनों के साथ प्रस्तुत मलवाई गिद्धा ने दर्शकों का खासा आकर्षण खींचा। इसके अलावा अन्य कलाकारों ने भी पंजाब की विविध लोक विधाओं की शानदार प्रस्तुति दी।
पंजाबी लोक नृत्य, जो अपनी ऊर्जा और जोश के लिए दुनियाभर में मशहूर है, ने कार्यक्रम में जान डाल दी। गतका, झूमर, जिंदुआ, लुड्डी और भांगड़ा जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हर प्रस्तुति पर दर्शकों की तालियों की गूंज से पूरा कलाग्राम गूंज उठा। उत्सव में बाजीगर कला, घूमर, फाग और भांड-मिरासी जैसी पारंपरिक लोक कलाओं ने भी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पंजाब की सांस्कृतिक विविधता को खूबसूरती से दर्शाया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव शाद ने प्रभावशाली अंदाज में किया। इस अवसर पर एनजेडसीसी के निदेशक फुरकान खान ने कहा कि यह उत्सव वैसाखी के उल्लास को साझा करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
आज ढाड़ी फोक का रहेगा खास आकर्षण
उत्सव के दूसरे दिन सोमवार शाम 6 बजे से शमींदर शम्मी और देश राज लचखानी की ढाड़ी फोक प्रस्तुतियां दर्शकों को देखने को मिलेंगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होंगी। ‘वैसाखी उत्सव-2026’ न केवल संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह पंजाब की विरासत और परंपराओं को संजोने का एक सशक्त प्रयास भी है।