Chandigarh Vodka free: चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय के पास सरेआम बंटी वोदका वाली चुस्की, वीडियो वायरल होने पर डीजे मालिक गिरफ्तार
May 25, 2026 5:02 PM
चंडीगढ़। चंडीगढ़ का सबसे सुरक्षित और वीआईपी माना जाने वाला इलाका सेक्टर-9 उस वक्त विवादों के केंद्र में आ गया, जब वहां सरेआम सड़क पर शराब का लंगर खोल दिया गया। एक नए लिकर ब्रांड को प्रमोट करने के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर लोगों को मुफ्त में शराब परोसी जा रही थी। हद तो तब हो गई जब जामुन फ्लेवर वाले बर्फ के गोलों (चुस्की) में वोदका मिलाकर युवाओं को आकर्षित किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने के बाद जब प्रशासन की फजीहत शुरू हुई, तब जाकर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने नींद से जागते हुए डीजे मालिक राजेश सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया है।
जामुन चुस्की के साथ वोदका का कॉकटेल, इंस्टाग्राम पर खुद ही डाला था वीडियो
मामले की परतें खुलीं तो पता चला कि सेक्टर-9 के एक बड़े शराब ठेके के ठीक बाहर बकायदा स्टॉल लगाकर इस इवेंट को अंजाम दिया जा रहा था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे चिलचिलाती गर्मी के बीच जामुन के स्वाद वाली बर्फ तैयार की जा रही थी और उसमें वोदका उड़ेलकर वहां खड़े लोगों को थमाई जा रही थी। इस 'शराब के लंगर' को देखने के लिए वहां देखते ही देखते तमाशबीनों और शौकीनों की भारी भीड़ जुट गई। रसूख और बेखौफ अंदाज का आलम यह था कि इस गैर-कानूनी आयोजन का वीडियो खुद शराब ठेकेदार के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से शान से अपलोड किया गया। हालांकि, जब इस पर उंगलियां उठनी शुरू हुईं तो इसे आनन-फानन में डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक यह वीडियो डाउनलोड होकर हर ग्रुप में तैर चुका था।
हुक्मरानों की चौखट से महज 300 मीटर की दूरी, घंटों चलता रहा तमाशा
इस पूरे घटनाक्रम ने चंडीगढ़ पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। जिस जगह पर यह वोदका वाली चुस्की बांटी जा रही थी, वहां से पत्थर फेंकने की दूरी (करीब 300 मीटर) पर चंडीगढ़ पुलिस का मुख्य मुख्यालय, पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया का राजभवन, डीजीपी और एसएसपी जैसे आला अफसरों के दफ्तर मौजूद हैं। इतने संवेदनशील और सुरक्षित जोन में घंटों तक यह अवैध शराब पार्टी चलती रही और गश्त करने वाली पीसीआर गाड़ियां हाथ पर हाथ धरे बैठी रहीं। जब मुख्यधारा की मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाना शुरू किया, तब जाकर पुलिस महकमे में हलचल हुई।
डीसी ने ठेकेदार को थमाया नोटिस, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई पर खड़े हुए सवाल
चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर (DC) निशांत यादव ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जिस शराब ठेके के मुहाने पर यह गैर-कानूनी काम हुआ है, उसके लाइसेंस होल्डर को नोटिस भेजकर सख्त जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर ठेके का लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सकता है।
दूसरी ओर, इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि पुलिस ने मौके पर संगीत बजाने वाले और डीजे का इंतजाम करने वाले राजेश सचदेवा को तो मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेज दिया, लेकिन उस रसूखदार शराब ठेकेदार पर सीधे कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है जिसके इशारे पर यह पूरी ब्रांडिंग की जा रही थी। अब देखना यह होगा कि क्या चंडीगढ़ प्रशासन इस रसूखदार लॉबी के सामने घुटने टेकता है या कोई ठोस नजीर पेश करता है।