पंजाब लोक भवन में राजस्थान और ओडिशा स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम
Mar 31, 2026 10:18 AM
चंडीगढ़: राजस्थान और ओडिशा के स्थापना दिवस के अवसर पर पंजाब लोक भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल ने दोनों राज्यों के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्थान वीरता और साहस की पहचान है, जबकि ओडिशा भक्ति और आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में राजस्थान की ओर से गीतांजलि खंडेलवाल (आईपीएस) ने संबोधन दिया, जिसके बाद पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर आधारित “डेजर्ट सिम्फनी” प्रस्तुत की गई। आंगी गैर, भवाल, कथक, सहारिया स्वांग, घूमर और कालबेलिया जैसे लोक एवं शास्त्रीय नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ओडिशा की प्रस्तुति में आर. के. राठू का संबोधन, संबलपुरी लोक नृत्य की प्रस्तुति और शनि धनुक द्वारा राज्यपाल का लाइव पोर्ट्रेट चित्रण विशेष आकर्षण रहा। इन प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संदेश दिया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में मानवता का संदेश देते हुए अहंकार और क्रोध से ऊपर उठने का आह्वान किया। महावीर जयंती के संदर्भ में उन्होंने क्षमा, अहिंसा और सद्भाव के मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए कालीबंगन, चित्तौड़गढ़ और आमेर जैसे ऐतिहासिक स्थलों तथा घूमर और कालबेलिया जैसे नृत्यों का जिक्र किया। वहीं ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर पर प्रकाश डालते हुए कलिंग की विरासत, जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और ओडिसी नृत्य सहित राज्य के योगदान को रेखांकित किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, विधायक नच्छत्तर पाल, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन, प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, पुलिस महानिदेशक सागर प्रीत हुड्डा, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, शिवदुलार सिंह, प्रियदर्शिनी ठाकुर, हरप्रीत कौर बबला सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।