आजादी के सात दशक बाद भी कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति जारी रखे हुए है: नायब सिंह सैनी
Feb 27, 2026 9:21 PMचंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने झुककर ‘वंदे मातरम्’ को छोटा कर दिया था और स्वतंत्रता के सात दशक बाद भी वह तुष्टीकरण की अपनी राजनीति जारी रखे हुए है।
सैनी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को नया रास्ता दिखाया और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में नयी ऊर्जा का संचार किया। सैनी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गीत ने आजादी का अलख जगाया और यह लोगों को ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ खड़ा होने के लिए प्रेरित कर स्वतंत्रता का मूल मंत्र बन गया।
मुख्यमंत्री विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला करते हुए उन पर एवं कांग्रेस पर ‘‘मुस्लिम लीग के आगे झुककर राष्ट्रगीत को छोटा करने’’ का आरोप लगाया।
इस बीच, कांग्रेस विधायकों ने सदन से कुछ देर के लिए बहिर्गमन किया। सैनी ने कहा कि मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ की भावना को तोड़ने के प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी को ऐसी बातें पता होनी चाहिए ताकि राष्ट्र की आत्मा के साथ भविष्य में ऐसा अन्याय न हो। सैनी ने मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना का उल्लेख किया जिन्होंने 15 अक्टूबर 1937 को ‘वंदे मातरम्’ का सबसे पहले मुखर विरोध किया था।
सैनी ने कहा कि इसके बाद नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखकर जिन्ना की भावनाएं साझा कीं और पत्र में उनसे कहा की कि ‘वंदे मातरम्’ की ‘आनंदमठ’ पृष्ठभूमि ‘‘मुसलमानों को नाराज कर सकती’’ है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी कांग्रेस को निशाना बनाते हुए राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक महत्व को रेखांकित किया।
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखे गए इस गीत को 1950 में भारत के राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया गया था और अब इसकी रचना के 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। सैनी ने कहा कि राष्ट्रगीत केवल एक रचना नहीं था, बल्कि यह स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक शक्ति, भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा तथा देशभक्ति का स्रोत था।