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Chandigarh News: केमिस्ट के कैशियर की हत्या कर पंजाब भागे हमलावरों की तलाश तेज, CCTV में सामने आए आरोपियों के चेहरे

Jun 15, 2026 10:53 AM

चंडीगढ़: सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल में शनिवार को हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना ने पूरे चंडीगढ़ को झकझोर कर रख दिया है। वारदात को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। हालांकि, जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने के बाद चंडीगढ़ पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, मेडिकल स्टोर में बैठे 45 वर्षीय कैशियर जानकी दास पर एक नकाबपोश हमलावर ने सेमी-ऑटोमेटिक हथियार से 13 राउंड फायर किए थे। उसके साथ मौजूद दूसरा नकाबपोश भी हथियारबंद था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर बाहर खड़े तीसरे साथी के साथ एक्टिवा पर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल जानकी दास को पीजीआई ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की बिना मास्क वाली तस्वीरें और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है, जिसे लेजर वैली क्षेत्र से लावारिस हालत में पाया गया। बाइक पर लगा नंबर भी फर्जी निकला। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी कजहेड़ी पहुंचे, वहां एक दुकान से कपड़े खरीदे और बदलकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। फुटेज में तीनों बदमाश रास्ता तय करने को लेकर भ्रमित दिखाई दे रहे हैं और दो बार दिशा बदलते नजर आए। पुलिस को आशंका है कि सीसीटीवी में रिकॉर्डिंग होने का अंदेशा होने पर आरोपी सेक्टर-43 बस स्टैंड पहुंचे और वहां से बस के जरिए पंजाब की ओर फरार हो गए। फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस की कई टीमें पंजाब सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि घटना के समय मेडिकल स्टोर के बाहर सड़क पर पुलिस का नाका लगा हुआ था, इसके बावजूद बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार होने में सफल रहे।

विदेशी नंबरों से रंगदारी की शिकायतों के बाद अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां, पंजाब में लगातार दबिश

सेक्टर-11 गोलीकांड के बाद शहर के कारोबारी वर्ग में चिंता का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में चंडीगढ़ के कई कारोबारियों को विदेशों से आए कॉल के जरिए कथित रूप से रंगदारी की मांग की गई है। कुछ मामलों में कारोबारियों को गंभीर परिणाम भुगतने और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की धमकियां भी दी गई हैं। शिकायतें मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। मामले की जांच के लिए साइबर सेल, क्राइम ब्रांच और जिला पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। वहीं संदिग्धों की तलाश में पंजाब के विभिन्न इलाकों में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में चंडीगढ़ पुलिस के अलावा पंजाब पुलिस की विशेष इकाइयां, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

फायरिंग के बाद फिर सामने आई धमकी भरी ऑडियो

सेक्टर-11 गोलीकांड के बाद कथित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के नाम से जुड़ी एक और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। ऑडियो में कथित तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है और कुमार ब्रदर्स से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। साथ ही लॉरेंस गैंग से संबंध रखने या उसे आर्थिक मदद देने वालों को भी चेतावनी दी गई है। ऑडियो में कहा गया है कि विरोधी गुट से जुड़े लोगों से बदला लिया जाएगा और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जगमार्ग इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।

छह माह में फायरिंग, हत्या और ग्रेनेड हमले जैसी घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

सेक्टर-11 में दिनदहाड़े हुई फायरिंग और हत्या की घटना के साथ ही चंडीगढ़ में इस साल की प्रमुख आपराधिक वारदातों की संख्या बढ़ गई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस साल 15 जनवरी की रात सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी पर दो नकाबपोश हमलावर स्कूटर पर पहुंचे थे और दुकान पर फायरिंग की थी। उस दौरान काउंटर पर मौजूद दुकान मालिक का बेटा बाल-बाल बच गया था। इसके बाद 17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग के पास दो हमलावरों ने छात्र नेता जशनदीप सिंह जवांदा को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। हालांकि वह हमले में सुरक्षित बच गए थे। बाद में पुलिस ने इस मामले में बंबीहा गैंग से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। 18 मार्च को सेक्टर-9 की व्यस्त मार्केट में दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं 1 अप्रैल को सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर दो आरोपियों ने ग्रेनेड फेंका था।

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