Chandigarh News: चंडीगढ़ में टैक्सी चालकों के धरना-प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, यूनियन प्रधान डिटेन
Jun 16, 2026 1:57 PM
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में कैब ड्राइवरों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मंगलवार को सेक्टर-18 में प्रदर्शन करने पहुंचे ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विक्रम पंढेर और उनके साथियों को पुलिस ने डिटेन कर लिया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि सेक्टर-18 में धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद जब यूनियन सदस्य वहां एकत्र होने लगे तो पुलिस ने कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बीच शहर में कैब सेवाओं और यातायात पर असर पड़ने की संभावना भी बनी हुई है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी कार्यालय के बाहर टैक्सी यूनियन के सदस्य धरना देने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के निर्देश दिए। डीएसपी पी अभिनंदन ने बताया कि सेक्टर-18 में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान सेक्टर-25 रैली ग्राउंड है और जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इसी आधार पर विक्रम पंढेर और उनके साथियों को डिटेन किया।
ट्राइसिटी में हड़ताल का असर पड़ने की आशंका
कैब ड्राइवर यूनियनों ने पहले ही धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके चलते ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चंडीगढ़ के साथ-साथ मोहाली और पंचकूला में भी इस आंदोलन का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि ट्राइसिटी ऑटो यूनियन ने इस हड़ताल से दूरी बनाई हुई है। ऐसे में यात्रियों के पास ऑटो रिक्शा और सीटीयू बस सेवाएं वैकल्पिक साधन के रूप में उपलब्ध रहेंगी।
चंडीगढ़ में कैब ड्राइवर संगठनों के बीच रणनीति को लेकर अलग-अलग रुख सामने आए हैं। एक गुट ने सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया, जबकि दूसरा गुट सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में धरना जारी रखे हुए है। यूनियनों के अलग-अलग कार्यक्रमों के बावजूद दोनों संगठनों की प्रमुख मांगें लगभग समान हैं। दोनों का कहना है कि प्रशासन को कैब चालकों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
प्रशासन तक आवाज पहुंचाने की कोशिश
ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विक्रम सिंह पंढेर ने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी समस्याओं और मांगों को चंडीगढ़ प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाता है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है। यूनियन का कहना है कि लंबे समय से कैब चालक आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं और उन्हें उचित किराया तथा नीतिगत संरक्षण की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया गया है।
चंडीगढ़ ट्राइसिटी ड्राइवर यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि उनकी यूनियन पिछले 15 दिनों से सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में नियमित धरना दे रही है। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। यूनियन का मानना है कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक स्तर पर ही संभव है। इसी कारण प्रशासक से मुलाकात उनकी प्रमुख मांग बन गई है।
कैब ड्राइवरों की मांगों पर टिका आंदोलन
कैब ड्राइवर यूनियनों की पहली मांग वर्ष 2025 में घोषित कैब पॉलिसी को पूरी तरह लागू करने की है। यूनियन का कहना है कि जो कंपनियां नियमों का पालन नहीं करतीं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी प्रमुख मांग किराया दरों में बढ़ोतरी की है। यूनियन के अनुसार 2025 की नीति में निर्धारित 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर वर्तमान ईंधन लागत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। ड्राइवर संगठन इसे बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं।
कैब चालकों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में अक्सर कार्रवाई ड्राइवरों पर होती है, जबकि कंपनियां बच निकलती हैं। यूनियन चाहती है कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी सीधे उन कंपनियों पर कार्रवाई करे जो नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। इसके अलावा निजी उपयोग वाली सफेद नंबर प्लेट गाड़ियों के व्यावसायिक टैक्सी संचालन पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई है। यूनियन नेताओं का कहना है कि इससे वैध रूप से काम करने वाले कैब चालकों की आय प्रभावित हो रही है। फिलहाल प्रशासन और यूनियनों के बीच गतिरोध बना हुआ है और प्रदर्शन जारी रहने के संकेत हैं।