बिटुमेन संकट से थमी सड़कों की रफ्तार: मेयर ने बुलाई आपात बैठक, री-कार्पेटिंग कार्यों में आ रही देरी पर जताई नाराजगी
Jun 10, 2026 10:48 AM
चंडीगढ़: शहर में चल रहे सड़क री-कार्पेटिंग कार्यों की रफ्तार बिटुमेन की कमी के कारण धीमी पड़ गई है। कई प्रमुख सड़कों पर निर्माण कार्य प्रभावित होने के बाद नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी ने मंगलवार को इंजीनियरिंग विंग और कार्य एजेंसियों के साथ आपात समीक्षा बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सामग्री की कमी को बहाना बनाकर विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा, अधीक्षण अभियंता (बी एंड आर) धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान ठेकेदारों ने बताया कि बाजार में बिटुमेन की उपलब्धता प्रभावित होने से सड़कों की री-कार्पेटिंग का काम निर्धारित गति से नहीं चल पा रहा है। सप्लाई चेन में आई बाधा के कारण कई परियोजनाओं की समय-सीमा प्रभावित होने की आशंका है।
स्थिति को गंभीर मानते हुए मेयर सौरभ जोशी ने अधिकारियों और ठेकेदारों को वैकल्पिक स्रोतों से बिटुमेन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को खराब सड़कों और अधूरे कार्यों का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय बनाकर काम करें और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करें। मेयर ने इंजीनियरिंग विंग को बिटुमेन की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने और ठेकेदारों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, परियोजनाओं की प्रगति पर निगरानी के लिए नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर आने वाली बाधाओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिकों की तैनाती कर बिटुमेन संकट से हुई देरी की भरपाई की जाए। मेयर ने कहा कि सड़कों का बेहतर रखरखाव और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। गौरतलब है कि मानसून से पहले शहर में कई प्रमुख मार्गों की री-कार्पेटिंग का काम चल रहा है। ऐसे समय में बिटुमेन की कमी ने प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिए कार्यों को गति देकर तय समय सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बरसात के मौसम में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।