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Chandigarh News: चंडीगढ़ में 15 जून से शुरू होगी एसआईआर प्रक्रिया, घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, 5.16 लाख मतदाताओं का होगा सत्यापन

Jun 12, 2026 10:28 AM

चंडीगढ़: मतदाता सूची को पूरी तरह साफ, सटीक और भरोसेमंद बनाने के लिए निर्वाचन विभाग 15 जून से शहर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभियान शुरू करने जा रहा है। इस बड़े अभियान के तहत चंडीगढ़ के सभी 5,16,427 मतदाताओं का दोबारा सत्यापन किया जाएगा और हर वोटर का रिकॉर्ड नए सिरे से जांचा जाएगा। निर्वाचन अधिकारियों ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक मतदाता को निर्धारित एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा करना होगा। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी और उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत कुमार यादव ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत यह विशेष अभियान चंडीगढ़ सहित देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर में अब तक 72.44 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है।

निर्वाचन विभाग के इस विशेष अभियान को 15 जून से 14 जुलाई तक चलाया जाएगा। इसके लिए शहरभर में 614 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तैनात किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और उन्हें निर्धारित एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और बाद में उसे कलेक्ट भी करेंगे। प्रत्येक मतदाता को फार्म की दो प्रतियां दी जाएंगी, ताकि प्रक्रिया सुगम और सुविधाजनक रहे। जरूरत पड़ने पर बीएलओ स्वयं फार्म भरने में भी सहायता करेंगे। निर्वाचन विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से छूट न जाए। जिन घरों में पहली बार दौरे के दौरान ताला बंद मिलेगा, वहां बीएलओ फार्म छोड़कर आएंगे और उसे प्राप्त करने के लिए अलग-अलग तिथियों पर कम से कम तीन बार दोबारा भ्रमण करेंगे। विभाग का कहना है कि इस व्यापक सत्यापन अभियान का उद्देश्य अधिकतम मतदाताओं तक पहुंच बनाकर मतदाता सूची को वास्तविक और अद्यतन स्वरूप देना है।

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को फार्म जमा करने के लिए ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। मतदाता विधिवत भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म अपने संबंधित बीएलओ को सीधे जमा कर सकते हैं। इसके अलावा फॉर्म  ईसीआईनेट  मोबाइल ऐप और वोटर्स सर्विस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी जमा किए जा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन जमा किए गए प्रपत्रों को भी अंतिम रूप से संबंधित बीएलओ द्वारा सत्यापित किया जाएगा, ताकि मतदाता सूची में शामिल की जाने वाली जानकारी की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

प्रेस वार्ता के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त के अलावा निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी अमनदीप सिंह भट्टी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौरभ कुमार अरोड़ा, नोडल अधिकारी (एसवीईईपी) नवीन तथा नोडल अधिकारी (मीडिया एवं सोशल मीडिया) राजीव तिवारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अभियान से जुड़ी प्रक्रिया और जनभागीदारी के महत्व पर विस्तार से जानकारी साझा की। निर्वाचन विभाग, ने सभी मतदाताओं, राजनीतिक दलों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों से विशेष पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। विभाग ने कहा कि गणना चरण के दौरान अधिक से अधिक सहयोग और सहभागिता से ही पूर्ण, शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे समय पर आवश्यक जानकारी और प्रपत्र उपलब्ध कराएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और निर्वाचन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से पहले होगा गहन सत्यापन, फॉर्म भरना होगा अनिवार्य

निर्वाचन विभाग ने साफ कर दिया है कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करना बेहद जरूरी होगा। अधिकारियों के अनुसार आगामी ड्राफ्ट मतदाता सूची में केवल उन्हीं लोगों के नाम शामिल किए जाएंगे जिन्होंने अपना फॉर्म भरकर जमा कराया होगा। जो लोग फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उन्हें सत्यापित मतदाता नहीं माना जाएगा। अभियान के दौरान मतदाताओं से वर्ष 2002-03 में हुए एसआईआर से संबंधित मैपिंग विवरण उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया जाएगा। यदि किसी मतदाता के पास यह जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो वह अपने माता-पिता अथवा दादा-दादी/नाना-नानी का विवरण दे सकता है, बशर्ते उनका नाम वर्ष 2002-03 के एसआईआर या हाल ही में 2025-26 में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण में दर्ज रहा हो ।हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता के पास मैपिंग विवरण उपलब्ध नहीं है, तब भी उसका एन्यूमरेशन फॉर्म स्वीकार किया जाएगा और उसका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाएगा। विभाग ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता को प्रक्रिया से बाहर होने से बचाना है।

फॉर्म-6 से जुड़ सकेंगे नए मतदाता, राजनीतिक दलों से मांगी सक्रिय भागीदारी

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे पात्र निवासी, जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें भी इस प्रक्रिया में अवसर दिया जाएगा। ऐसे नागरिक निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इन आवेदनों पर प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियों की निर्धारित अवधि के दौरान विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल अभिकर्ताओं (बीएलए) से भी इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उनसे कहा गया है कि वे मतदाताओं को गणना प्रपत्र जमा कराने में सहयोग करें तथा ऐसे मामलों की जानकारी साझा करें, जिनमें कोई पात्र निवासी अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ हो या सूची में मृत, स्थानांतरित, दोहराव वाले अथवा अन्यथा अपात्र मतदाताओं के नाम दर्ज हों। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केवल सूची का पुनरीक्षण नहीं, बल्कि अधिक पारदर्शी, अद्यतन और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करना है। प्रशासन ने 1,625 बीएलए को विशेष प्रशिक्षण दिया है। ये एजेंट भी मतदाताओं से फॉर्म एकत्र कर सकेंगे, हालांकि एक एजेंट एक बार में अधिकतम 50 फॉर्म ही जमा कर पाएगा।

मतदाताओं की सहायता के लिए 24 घंटे सक्रिय रहेगी हेल्पलाइन 1950

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए सहायता व्यवस्था भी मजबूत की है। किसी भी जानकारी, मार्गदर्शन या प्रक्रिया से जुड़ी सहायता के लिए मतदाता अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ईसीआईनेट एप पर उपलब्ध ‘बुक अ कॉल’ सुविधा का उपयोग कर सीधे सहायता प्राप्त की जा सकती है। विभाग ने बताया कि मतदाता हेल्पलाइन 1950 पुनरीक्षण अभियान की अवधि के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहेगी, ताकि नागरिकों को समय पर सहायता मिल सके। साथ ही लोगों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं, जहां मतदाता प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी और सहयोग प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, निर्वाचन विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए शहरभर में साइकिल रैलियां आयोजित करेगा। इसके अलावा विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों में विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे, जहां मतदाता अपने फॉर्म भरने और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

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