CM Pushkar Singh Dhami: "अब सिफारिश नहीं, सिर्फ मेरिट चलेगी" नकल माफिया पर गरजे मुख्यमंत्री धामी
Jun 01, 2026 3:08 PM
देहरादून। देहरादून का मुख्यसेवक सदन सोमवार को उम्मीदों और सपनों के साकार होने का गवाह बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक विशेष रोजगार उत्सव के तहत राज्य के चार महत्वपूर्ण विभागों में कड़े इम्तिहान पास कर आए 276 होनहारों को अपने हाथों से सरकारी सेवा का 'प्रवेश पत्र' यानी नियुक्ति पत्र सौंपा। इस बहुप्रतीक्षित सफलता से गदगद युवाओं और उनके अभिभावकों का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी की शुरुआत नहीं है, बल्कि देवभूमि की जनता की सेवा करने के एक नए और पवित्र अध्याय का आगाज है। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि वर्षों के कड़े अनुशासन, त्याग और धैर्य के बाद आज उनकी मेहनत को यह मुकाम हासिल हुआ है।
किस विभाग को मिले कितने 'कर्मठ सिपाही'?
इस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के जरिए उत्तराखंड के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में नियुक्तियां की गई हैं:
वन विभाग: पर्यावरण और समृद्ध वन्यजीव संपदा के संरक्षण के लिए सबसे ज्यादा 109 जांबाज युवाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास: मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए 88 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले।
प्राविधिक शिक्षा विभाग: युवाओं के तकनीकी कौशल को निखारने और प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा देने के लिए 65 विशेषज्ञ शामिल किए गए।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग: सूबे के पर्वतीय और मैदानी इलाकों के सुनियोजित शहरी विकास का खाका खींचने के लिए 14 योजनाकारों को नियुक्त किया गया।
"नकल माफिया का दौर खत्म, अब सिर्फ मेरिट सर्वोपरि" — सीएम धामी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछली व्यवस्थाओं और प्रशासनिक खामियों पर चोट करने से गुरेज नहीं किया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पूर्व की सरकारों में जिस तरह नौकरियों में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहता था, हमारी सरकार ने उसे जड़ से उखाड़ फेंका है। मुख्यमंत्री ने गर्व से दोहराया कि उत्तराखंड में आज देश का सबसे कठोर 'नकल विरोधी कानून' लागू है, जिसके डर से पेपर लीक माफिया घुटनों पर आ चुके हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में बिना किसी राजनीतिक सिफारिश या लेन-देन के, पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत रिकॉर्ड 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
घोषणाओं से ज्यादा 'डिलीवरी' पर जोर; 2047 के विकसित भारत में उत्तराखंड की भूमिका
नवनियुक्त कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाते हुए सीएम ने कहा कि जब सिस्टम में ईमानदार और ऊर्जावान युवा आते हैं, तो सरकारी फाइलों की रफ्तार तेज होती है और जन कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे गरीब व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विजन को पूरा करने के लिए उत्तराखंड कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है। सरकार ऐसी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दे रही है जहां कोरी घोषणाओं की जगह 'ग्राउंड डिलीवरी' को, चुनावी वादों से ज्यादा 'ठोस परिणाम' को और राजनीति से ऊपर उठकर सिर्फ 'विकास' को प्राथमिकता दी जाती है।
दिग्गज मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की रही मौजूदगी
इस गरिमामयी और ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए उत्तराखंड कैबिनेट के कई प्रमुख चेहरे भी मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत और श्रीमती रेखा आर्या के अलावा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास व श्रीमती सविता कपूर ने भी युवाओं की हौसलाअफजाई की। वहीं, प्रशासनिक मोर्चे पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार और डॉ. आर. राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने नए सहकर्मियों का प्रशासनिक कुनबे में स्वागत किया।