President Droupadi Murmu IMA POP: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में पासिंग आउट परेड संपन्न, 9 महिला कैडेट्स ने रचा इतिहास
Jun 13, 2026 11:38 AM
देहरादून। देहरादून की वादियों में स्थित प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) का ऐतिहासिक चेटवुड हॉल एक बार फिर देश की सेवा में समर्पित होने वाले युवा अफसरों के जयकारों से गूंज उठा। मौका था आईएमए की भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) का, जहां देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि और समीक्षा अधिकारी के तौर पर शिरकत की। कड़कड़ाती धूप और अनुशासित कदमताल के बीच राष्ट्रपति ने कोर ऑफ कैडेट्स के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की परेड का निरीक्षण किया और युवा कंधों पर लगे सितारों की चमक को देश का गौरव बताया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि ये सैन्य अधिकारी केवल सीमाओं के सजग प्रहरी नहीं हैं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदों और अस्मिता के रखवाले भी हैं।
आईएमए के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय: 9 महिला कैडेट्स ने तोड़ी रूढ़ियां
इस साल की पासिंग आउट परेड सिर्फ नए अफसरों की खेप तैयार होने भर तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ दिया है। अकादमी के इतिहास में यह पहला मौका रहा जब 9 महिला कैडेट्स ने पुरुषों के इस पारंपरिक गढ़ में सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया और मुख्य धारा की सेना में कदम रखा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिला अफसरों की इस कामयाबी को विशेष तौर पर रेखांकित करते हुए इसे महिला-नेतृत्व वाले विकास और सशक्त भारत की जीती-जागती तस्वीर बताया। इन महिला जांबाजों की पासिंग आउट ने देश की करोड़ों बेटियों के लिए सेना में बड़े पदों पर आसीन होने की राह को और आसान कर दिया है।
वैश्विक रक्षा बिरादरी की कमान और तकनीकी चुनौतियां
इस बार भारतीय सेना को जहां 481 जांबाज भारतीय अफसर मिले, वहीं भारत की सैन्य ट्रेनिंग का लोहा पूरी दुनिया ने माना। परेड के दौरान 16 मित्र देशों के 34 विदेशी जांबाज कैडेट्स ने भी भारतीय जवानों के साथ कदम से कदम मिलाया। राष्ट्रपति ने इसे भारत के बढ़ते वैश्विक कद और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग का एक जीवंत उदाहरण बताया। बदलते दौर के सुरक्षा खतरों का जिक्र करते हुए उन्होंने युवा नेतृत्व को सचेत किया कि आज का युद्ध केवल मोर्चे पर नहीं बल्कि तकनीकी नवाचारों से जीता जाता है। उन्होंने नए सैन्य अधिकारियों से अपील की कि वे तेजी से बदलती वैश्विक तकनीक और आधुनिक रणनीतियों को अपनाकर देश की रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाएं।
उत्तराखंड की धरती पर सजे सितारे, मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे मौजूद
इस गौरवमयी और भावुक कर देने वाले समारोह के दौरान उत्तराखंड की पूरी कमान भी आईएमए ग्राउंड पर मौजूद रही। राज्य के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पास आउट होने वाले जांबाजों की पीठ थपथपाई और उनके सुनहरे भविष्य की कामना की। आईएमए के समादेशक (कमांडेंट) लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह समेत सेना के कई वरिष्ठ जनरलों और नागरिक प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी परेड का लुत्फ उठाया। अपने अंतिम पग को पार कर जैसे ही ये कैडेट्स सैन्य अधिकारी बने, उनके परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता पर कभी आंच नहीं आने देंगे।