CM Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड में पेंशनधारकों की मौज: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खातों में भेजे 176.59 करोड़ रुपये
Jun 04, 2026 3:25 PM
देहरादून। देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी (IRDT) सभागार में गुरुवार को आयोजित राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला प्रदेश के वंचित और बुजुर्ग वर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए राज्य के करीब 9.74 लाख पेंशनभोगियों के खातों में मई 2026 महीने की पेंशन राशि डिजिटल माध्यम से सीधे ट्रांसफर की। कुल 176.59 करोड़ रुपये की यह भारी-भरकम राशि बिना किसी बिचौलिये या बाधा के लाभार्थियों तक पहुँची। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का इकलौता मकसद सामाजिक कल्याण की योजनाओं को समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचाना है।
नशा मुक्ति और बुजुर्गों के सम्मान की गूंज
इस खास अभिमुखीकरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने केवल सरकारी खजाना ही नहीं खोला, बल्कि सामाजिक चेतना का संदेश भी दिया। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद जनसामान्य और प्रशासनिक अधिकारियों को उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने तथा वरिष्ठ नागरिकों के प्रति आदर व उचित देखभाल सुनिश्चित करने की गंभीर शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि समाज के भीतर आने वाले सकारात्मक बदलाव और अपनी जड़ों के सम्मान से तय होता है।
मोदी सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के आत्मनिर्भर मॉडल का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को याद किया। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के कारण आज जन-धन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं से देश के करोड़ों लोग सशक्त हुए हैं। इसी तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी अंत्योदय परिवारों को साल में तीन मुफ्त गैस सिलेंडर दे रही है, दिव्यांग कर्मचारियों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर 'लखपति दीदी' बनाने का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही, अपणि सरकार पोर्टल और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के जरिए दूरस्थ सीमांत गांवों तक विकास की नई धारा पहुँची है।
आर्थिक मोर्चे पर शानदार उछाल, सूचकांकों में देश में नंबर-1
उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार सालों में प्रदेश की आर्थिकी करीब डेढ़ गुना बढ़ चुकी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की जीएसडीपी (GSDP) में 7.23 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 फीसदी का बड़ा उछाल आया है। सबसे बड़ी राहत बेरोजगारी के मोर्चे पर है, जहाँ राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी आई है। यही वजह है कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में उत्तराखंड आज पूरे देश में शीर्ष पायदान पर काबिज है।
कड़े कानूनों और ढांचागत विकास से मिली वैश्विक पहचान
सुरक्षा और सुशासन का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने साफ किया कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और जमीनों को बचाने के लिए कड़ा भू-कानून लागू किया जा चुका है। प्रदेश में करीब 11 हजार एकड़ सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। वहीं, नकल विरोधी कानून की बदौलत पिछले साढ़े चार सालों में 33 हजार से ज्यादा युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिली हैं। विकास कार्यों की बात करें तो केदारखंड और मानसखंड मंदिर माला मिशन के साथ-साथ ऋषिकेश-हरिद्वार, शारदा और यमुना कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है, जिससे राज्य में शीतकालीन पर्यटन के नए दरवाजे खुल रहे हैं।