NHAI का बड़ा एक्शन: टोल पर आईडी कार्ड दिखाकर फ्री एंट्री बंद, अब केवल फास्टैग से ही मिलेगी छूट
Apr 05, 2026 12:43 PM
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने एक प्रशासनिक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। 10 अप्रैल 2026 से देश के किसी भी नेशनल हाईवे टोल बूथ पर नकद पैसे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य टोल प्लाजा को पूरी तरह डिजिटल बनाना है ताकि हाईवे पर लगने वाले लंबे जाम से आम आदमी को राहत मिल सके। अब आपकी जेब में रखे नोट टोल पार कराने में काम नहीं आएंगे, इसके लिए आपके पास वैध फास्टैग या यूपीआई (UPI) होना अनिवार्य है।
जुर्माना और ई-नोटिस का कड़ा प्रावधान
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नियमों को लेकर स्थिति साफ कर दी है। जिन गाड़ियों पर वैध फास्टैग नहीं होगा, उन्हें टोल पर रोका तो नहीं जाएगा, लेकिन उनसे सवा गुना ज्यादा टैक्स वसूला जाएगा। यह भुगतान भी केवल डिजिटल माध्यम से ही करना होगा। यदि कोई वाहन स्वामी डिजिटल भुगतान से इनकार करता है, तो राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के तहत उसे हाईवे पर प्रवेश से रोका जा सकता है। ऐसे वाहनों को ई-नोटिस भेजा जाएगा और 3 दिन के भीतर भुगतान न करने पर जुर्माना राशि दोगुनी कर दी जाएगी।
वीआईपी कल्चर पर लगाम: आईडी कार्ड का खेल खत्म
हाईवे पर अक्सर लोग सरकारी या निजी आईडी कार्ड दिखाकर टोल टैक्स देने से बचते थे, लेकिन अब यह प्रथा पूरी तरह खत्म होने जा रही है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यक्तिगत यात्रा के दौरान कोई भी पहचान पत्र दिखाकर फ्री टोल की सुविधा नहीं मिलेगी। छूट केवल उन्हीं वाहनों को दी जाएगी जिनके पास आधिकारिक 'छूट प्राप्त फास्टैग' (Exempted FASTag) या वैध वार्षिक पास होगा। इस कदम से टोल संग्रह में पारदर्शिता आएगी और राजस्व की चोरी पर लगाम लगेगी।
फ्री फ्लो टोलिंग: बिना रुके कटेगा टैक्स
NHAI अब देश भर में 'फ्री फ्लो टोलिंग' सिस्टम को हकीकत बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। इस तकनीक के तहत टोल प्लाजा पर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और RFID सिस्टम चलते हुए वाहन की पहचान कर लेंगे। वाहन को बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और टोल की राशि अपने आप खाते से कट जाएगी। मंत्रालय का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि यात्रियों का कीमती समय भी बचेगा। सफर को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल भुगतान ही अब एकमात्र विकल्प है।