नई दिल्ली रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक: 1500 AI कैमरों से निगरानी और एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, देखें नया लुक
Apr 05, 2026 11:44 AM
देश की राजधानी का मुख्य रेलवे स्टेशन अब अपनी पुरानी पहचान बदलकर एक विश्वस्तरीय ट्रांसपोर्ट हब बनने की ओर अग्रसर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) के चल रहे पुनर्विकास (Redevelopment) कार्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रस्तावित डिजाइन और यात्री सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा की कि कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सरकार का लक्ष्य इस स्टेशन को स्मार्ट तकनीक और उन्नत सुरक्षा मानकों से लैस कर यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देना है।
1500 AI कैमरों का पहरा और वेंडर्स की नई ड्रेस
सुरक्षा के मोर्चे पर रेलवे ने अभूतपूर्व बदलाव की योजना बनाई है। स्टेशन परिसर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए लगभग 1500 AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे तैनात किए जाएंगे। ये कैमरे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। इसके साथ ही, स्टेशन पर मौजूद हर वेंडर और कर्मचारी को अनिवार्य रूप से विशेष जैकेट और पहचान पत्र पहनना होगा। इस कदम से अवैध वेंडिंग पर लगाम लगेगी और यात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ेगा।
भारत टैक्सी सेवा और आधुनिक कोच से बदलेगी तस्वीर
स्टेशन से बाहर निकलते ही टैक्सी के लिए होने वाली धक्का-मुक्की अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। रेलवे ने यात्रियों के लिए 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू करने का फैसला लिया है, जिससे प्लेटफॉर्म से उतरते ही सुलभ परिवहन मिल सकेगा। यात्रियों को भ्रम से बचाने के लिए स्टेशन पर नए और बेहद स्पष्ट 'साइन बोर्ड' (Signages) लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, रेलवे ने एक आधुनिक 'सैंपल रेल कोच' भी विकसित किया है। इस अपग्रेडेड कोच में आरामदायक सीटें, आधुनिक टॉयलेट मॉडल और बेहतर सफाई व्यवस्था का नमूना पेश किया गया है, जिसे भविष्य में सभी ट्रेनों में लागू किया जा सकता है।
एयरपोर्ट जैसा अनुभव और स्मार्ट कनेक्टिविटी
पुनर्विकास परियोजना के पूरा होने के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन किसी आधुनिक एयरपोर्ट की तरह नजर आएगा। रेल मंत्री के अनुसार, इसे एक व्यवस्थित परिवहन केंद्र के रूप में ढाला जा रहा है जहां निकास और प्रवेश द्वार पूरी तरह अलग और सुगम होंगे। डिजिटल मैपिंग और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए यात्रियों का समय बचेगा। यह परियोजना न केवल दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी भारतीय रेलवे की एक नई और चमकती तस्वीर पेश करेगी।