रेखा गुप्ता ने जल बोर्ड की 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की

Feb 18, 2026

नयी दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली जल बोर्ड की 2100 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद कहा कि बेहतर जल प्रबंधन व्यवस्था बनाना ‘विकसित दिल्ली’ के लक्ष्य के लिए बहुत जरूरी है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी दिल्ली स्थित टोडापुर के रामलीला मैदान में दिल्ली जल बोर्ड की 2100 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और आधुनिक सीवरेज प्रणाली विकसित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं की शुरुआत की गई है, वे न केवल जल आपूर्ति क्षमता को बढ़ाएंगी, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। गुप्ता ने कहा कि जिन इलाकों में कई सालों से पानी और सीवर की समस्या थी, वहां अब स्थायी समाधान किया जा रहा है।

इन परियोजनाओं से बड़ी संख्या में लोगों को बेहतर पानी की आपूर्ति मिलेगी, आधुनिक सीवेज उपचार की सुविधा बढ़ेगी और यमुना को साफ करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि परियोजनाएं पूरी होने के बाद सीवेज साफ करने की क्षमता बढ़ेगी और गंदा पानी यमुना में जाने से रुकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि साथ ही, पानी की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा।

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली अब विकास के नए दौर में कदम रख रही है। यह सिर्फ योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप ‘विकसित दिल्ली’ की मजबूत नींव है। वहीं, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लागू की गई माफी योजना में अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ 3.52 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने लिया, जिसके अंतर्गत अर्थदंड, ब्याज और सरचार्ज माफ कर लगभग 1400 करोड़ रुपये की राहत दी गई तथा दिल्ली जल बोर्ड को 484 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। अब इस योजना को अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े व्यावसायिक एवं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए देर से भुगतान पर लगने वाले सरचार्ज पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस निर्णय के तहत व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर वर्षों से जमा लगभग 74,293 करोड़ रुपये के अर्थदंड को पूरी तरह माफ किया जाएगा जिससे दिल्ली जल बोर्ड को इन उपभोक्ताओं से लगभग 285.2 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

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