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फरीदाबाद की 'खूनी झीलें': रील्स के चक्कर में 16 साल में 100 से ज्यादा मौतें, पुलिस ने बंद किए रास्ते

May 10, 2026 10:26 AM

फरीदाबाद। फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर के युवाओं के लिए अरावली की पहाड़ियों में छिपी कृत्रिम झीलें इन दिनों 'एडवेंचर' नहीं बल्कि 'मातम' का केंद्र बन गई हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 'हिडन पैराडाइज' और 'सीक्रेट लेक' जैसे लुभावने कैप्शन के साथ वायरल हो रहे वीडियो दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के युवाओं को अपनी ओर खींच रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि ऊपर से शांत और नीला दिखने वाला यह पानी अंदर मौत को समेटे हुए है। पिछले 16 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहाँ 100 से ज्यादा युवा अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर महज फोटो खिंचवाने या दोस्तों के साथ पार्टी करने आए थे।

खनन की छोड़ी खाइयां बनीं 'मौत के कुएं'

ये झीलें कोई प्राकृतिक देन नहीं हैं, बल्कि अरावली में हुए अवैध और अनियंत्रित खनन का नतीजा हैं। साल 1991 में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद खनन तो बंद हो गया, लेकिन पीछे छूट गईं सैकड़ों फुट गहरी खाइयां। बारिश के पानी ने इन्हें झीलों का रूप दे दिया। सिरोही, मांगर, पाली और सूरजकुंड क्षेत्र में फैली इन 8-10 बड़ी झीलों की गहराई का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तक नहीं है। स्थानीय निवासी रामबीर के मुताबिक, पानी के अंदर कहीं-कहीं अचानक 60 फुट तक का गड्ढा आ जाता है, जिसका अंदाजा अच्छे से अच्छे तैराक को भी नहीं लग पाता।

गर्मी बढ़ते ही 'किलर लेक' पर उमड़ी भीड़

तापमान बढ़ने के साथ ही दिल्ली के डेरा फतेहपुर, गुरुग्राम और गाजियाबाद से युवाओं के जत्थे यहां प्री-वेडिंग शूट, बाइक राइडिंग और शराब पार्टी के लिए पहुंच रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के रमाशंकर (24) और अभिषेक (21) की मौत ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। रमाशंकर महज झील की सुंदरता देखकर पानी में उतरा था और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया। पुलिस की मानें तो शराब के नशे में पानी में उतरना और सेल्फी लेते समय पैर फिसलना इन हादसों की सबसे बड़ी वजह है।

पुलिस की सख्ती: जेसीबी से खोदे रास्ते, तैनात हुए पहरेदार

लगातार हो रही मौतों के बाद फरीदाबाद पुलिस अब 'एक्शन मोड' में है। डीसीपी एनआईटी मिस उत्तम ने खुद मोर्चा संभालते हुए झीलों की ओर जाने वाले कच्ची पगडंडियों और रास्तों को जेसीबी मशीनों से खुदवाकर बंद करवा दिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि अब केवल चेतावनी बोर्ड से काम नहीं चलेगा, इसलिए संवेदनशील पॉइंट्स पर पुलिसकर्मियों की स्थायी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे बाहरी युवाओं को इन जानलेवा झीलों की तरफ जाने से रोकें।

सोशल मीडिया का जानलेवा आकर्षण

दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि पुलिस की तमाम पाबंदियों के बावजूद सोशल मीडिया पर मौजूद हजारों ड्रोन वीडियो और बाइक राइडिंग रील्स युवाओं को आकर्षित कर रही हैं। 'नोएडा से दो घंटे की दूरी पर मालदीव जैसा नजारा' जैसे फर्जी और भ्रामक प्रचार ने इन खतरनाक खदानों को पिकनिक स्पॉट बना दिया है। फरीदाबाद पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि प्राकृतिक झीलों में नहाना जानलेवा हो सकता है और प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसपैठ करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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