स्मार्ट फरीदाबाद की ओर एक और कदम: रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ड्रेनेज के लिए रूस देगा तकनीक
Mar 20, 2026 1:08 PM
फरीदाबाद। हरियाणा की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद अब विकास के ग्लोबल नक्शे पर अपनी पहचान पुख्ता करने जा रही है। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंचाने के लिए फरीदाबाद नगर निगम ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के 'ब्यूनस्की म्युनिसिपल डिस्ट्रिक्ट' के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों ने समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का सीधा मकसद फरीदाबाद के शहरी ढांचे को आधुनिक तकनीक और टिकाऊ निवेश के जरिए एक नई दिशा देना है।
जलभराव से मुक्ति: रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर रहेगा विशेष जोर
फरीदाबाद शहर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बरसात के दिनों में होने वाला जलभराव है। इस समझौते के तहत रूस की उन्नत ड्रेनेज और वॉटर मैनेजमेंट तकनीक को फरीदाबाद में लागू किया जाएगा। महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने जानकारी दी कि यह समझौता आगामी 3 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा, "इस पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य जल संचयन (Rainwater Harvesting) प्रणाली को मजबूत करना है। हम उनके अनुभवों से सीखेंगे कि कैसे शहरी जल का सही प्रबंधन किया जाता है, और हमारे यहां के सफल मॉडल्स को भी उनके साथ साझा किया जाएगा।"
केवल निर्माण नहीं, शिक्षा और संस्कृति का भी होगा आदान-प्रदान
यह समझौता केवल सड़कों और नालों तक सीमित नहीं है। फरीदाबाद और ब्यूनस्की के बीच हुए इस करार से शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। दोनों शहरों के बीच छात्र विनिमय कार्यक्रम और तकनीकी विशेषज्ञों की अदला-बदली पर भी विचार किया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को वैश्विक तकनीक और कार्यशैली को समझने का मौका मिलेगा। साथ ही, रूस के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ने से शहर के पर्यटन को भी एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
निवेश के खुलेंगे द्वार, बढ़ेगा रोजगार
औद्योगिक शहर होने के नाते फरीदाबाद हमेशा से विदेशी निवेशकों की पसंद रहा है। इस एमओयू के बाद रूस की कंपनियां फरीदाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश के लिए आकर्षित हो सकती हैं। महापौर के अनुसार, इससे न केवल शहर का कायाकल्प होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर भी पैदा होंगे। लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए भी नई तकनीकों तक पहुंच आसान होगी, जो अंततः फरीदाबाद की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।