फरीदाबाद टॉर्च डिलीवरी केस में बड़ी कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाला NHM कर्मचारी सुखवीर नौकरी से बर्खास्त
May 21, 2026 1:01 PM
फरीदाबाद। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ सेक्टर-3 स्थित एफआरयू-2 (फर्स्ट रेफरल यूनिट) सरकारी अस्पताल से मानवता और सरकारी सिस्टम को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई थी। बड़ौली गांव का एक परिवार शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 2 बजे अपनी बहू बलेश को प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था। महिला के जेठ चमन चंदीला ने बताया कि जब वे तड़पती हुई मरीज को लेकर पहुंचे, तो अस्पताल का मुख्य गेट ही बंद पड़ा था। किसी तरह गेट खोलकर जब वे अंदर भागे और इमरजेंसी वार्ड का रुख किया, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था और ड्यूटी पर कोई भी स्टाफ मेंबर मौजूद नहीं था।
मजबूर मां ने कराई बेटी की डिलीवरी, बाद में टॉर्च लेकर पहुंचीं नर्सें
अस्पताल की इस घोर लापरवाही के बीच बलेश की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और वह दर्द से तड़प रही थी। जेठ चमन खुद दौड़कर व्हीलचेयर लेकर पार्किंग में पहुंचे, जहां परिवार के अन्य लोग बलेश को संभाले हुए थे। चमन के मुताबिक, काफी देर तक गुहार लगाने के बाद भी जब अंदर से कोई डॉक्टर या नर्स बाहर नहीं आई, तो मजबूरी में बलेश की मां को खुद ही पार्किंग के अंधेरे में अपनी बेटी की डिलीवरी करानी पड़ी।
बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने इस बदइंतजामी की पोल खोलकर रख दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब डिलीवरी हो चुकी थी, तब अस्पताल की दो नर्सें और एक पुरुष कर्मचारी वहां पहुंचे। अस्पताल परिसर में छाई ब्लैकआउट की स्थिति के बीच एक नर्स हाथ में मोबाइल की टॉर्च जलाकर खड़ी रही, जबकि दूसरी नर्स उस कम रोशनी में बाकी का मेडिकल प्रोसीजर (नाल काटने आदि का काम) करती नजर आई। इस दौरान पीड़ित परिवार का गुस्सा भड़क गया और वे स्टाफ पर चिल्लाते नजर आए कि "अगर जच्चा-बच्चा में से किसी को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?"
उपायुक्त की मुहर के बाद बर्खास्तगी के आदेश, विपक्ष के निशाने पर सरकार
टॉर्च की रोशनी में हुए इस प्रसव का वीडियो और तस्वीरें जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुईं, पूरे हरियाणा की सियासत गरमा गई। विपक्ष ने खट्टर-सैनी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के दावों को आड़े हाथों लेते हुए तीखे हमले शुरू कर दिए। मामले को तूल पकड़ता देख स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (DHFW) की चेयरपर्सन और फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर (DC) ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी स्टाफ की अक्षम्य लापरवाही और मरीज को समय पर इलाज न देना सबसे बड़ी चूक माना गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन फरीदाबाद ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ड्यूटी पर तैनात जीडीए कर्मचारी सुखवीर को नौकरी से बर्खास्त करने के लिखित आदेश जारी कर दिए। इससे पहले स्टाफ नर्स राखी को भी सस्पेंड किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में इस गाज की जद में कुछ और बड़े नाम आ सकते हैं।