फरीदाबाद में बड़ा मजदूर आंदोलन: मदरसन कंपनी के हजारों कर्मचारी हड़ताल पर, पुलिस अलर्ट
Apr 13, 2026 12:06 PM
फरीदाबाद। हरियाणा के औद्योगिक गलियारे में मजदूरों और प्रबंधन के बीच चल रही खींचतान अब फरीदाबाद तक फैल गई है। सोमवार सुबह फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब मदरसन कंपनी समेत कई अन्य यूनिट्स के हजारों कर्मचारियों ने एक साथ काम बंद करने का ऐलान कर दिया। कर्मचारी अपनी मांगों और कम वेतन को लेकर गुस्से में हैं और वे फैक्ट्रियों से बाहर निकलकर नारेबाजी कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर में भी ऐसा ही विवाद हुआ था, जहां पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। अब वही स्थिति फरीदाबाद में बनती दिख रही है।
प्रबंधन और श्रम विभाग पर फूटा गुस्सा
हड़ताल पर बैठे कामगारों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी बातों को अनसुना कर रहा है। मजदूरों का आरोप है कि श्रम विभाग भी इस मामले में केवल मूकदर्शक बना हुआ है और कंपनी मालिकों के पक्ष में झुका नजर आता है। सोमवार सुबह जैसे ही शिफ्ट शुरू हुई, मजदूरों ने औजार डाल दिए और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों के तेवर देखकर औद्योगिक संगठनों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ सेक्टर-37
मानेसर और नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शनों से सबक लेते हुए फरीदाबाद पुलिस प्रशासन ने इस बार पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सेक्टर-37 के औद्योगिक क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कंपनी गेटों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा निरोधक वाहनों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में हिंसा न भड़के। पुलिस अधिकारी लगातार कर्मचारियों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, लेकिन मजदूरों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
दिल्ली-एनसीआर में गहराता औद्योगिक संकट
बीते कुछ दिनों से पूरे दिल्ली-एनसीआर के ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक हब में वेतन विवाद ने जोर पकड़ा है। गुरुग्राम के डीसी द्वारा मानेसर में धारा 163 (पूर्व में 144) लागू करने के बाद अब फरीदाबाद में भी ऐसी ही सख्ती की आशंका जताई जा रही है। अगर जल्द ही प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता सफल नहीं हुई, तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे ऑटो सेक्टर को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।