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हरियाणा वोटर लिस्ट 2026: जिन मतदाताओं की डेटा मैपिंग है अधूरी, उन्हें नोटिस भेजेगा चुनाव आयोग

Jun 02, 2026 2:34 PM

हरियाणा के सियासी समर से पहले प्रदेश की मुख्य आधारशिला यानी मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां सातवें आसमान पर पहुंचा दी हैं। राज्य में चल रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026' अभियान को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ में एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई। भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार की अगुवाई में हुई इस बैठक में जमीनी स्तर पर चल रहे काम की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उप निर्वाचन आयुक्त ने साफ लहजे में कहा कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड अब तक डेटा मैपिंग के जरिए लिंक या सत्यापित नहीं हो सका है, उन्हें विभाग की तरफ से बकायदा नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।

बीएलओ के चक्कर काट लें वोटर, चुनाव आयोग ने समय रहते काम पूरा करने की दी सलाह

समीक्षा बैठक के बाद चुनाव आयोग ने आम जनता से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद तकनीकी गड़बड़ियों से बचने के लिए डेटा मैपिंग अनिवार्य है। इसके लिए जिन लोगों का काम अटका हुआ है, वे तुरंत अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क साधें और तय समय-सीमा के भीतर इस प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करवाएं। दरअसल, आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि वास्तविक और योग्य मतदाताओं का नाम किसी भी तकनीकी खामी की वजह से सूची से बाहर न छूटने पाए।

कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी; मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने कड़े किए तेवर

चंडीगढ़ में आयोजित इस बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने मैपिंग, मतदाता जागरूकता अभियान (SVEEP) और दावों व आपत्तियों के निपटारे की मौजूदा स्थिति का पूरा खाका पेश किया। श्रीनिवास ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को दोटूक हिदायत देते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में किसी भी तरह की त्रुटि या ढिलाई कतई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम प्रकाशन से पहले हर एक एंट्री की गहनता से जांच की जाए ताकि पूरी सूची पूरी तरह पारदर्शी, प्रामाणिक और नवीनतम नजर आए।

बूथ स्तर पर चल रहा है सत्यापन; राजनीतिक दलों से भी संवाद बनाए रखने पर जोर

बैठक के आखिरी सत्र में बूथ स्तर पर चल रहे भौतिक सत्यापन (Physical Verification) अभियान की प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची गई। उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों (BLA) के साथ भी लगातार और नियमित संवाद बनाए रखा जाए। राजनीतिक दलों से मिलने वाले फीडबैक और शिकायतों का निपटारा तय गाइडलाइन के अनुसार तुरंत होना चाहिए। इस मुस्तैदी से साफ है कि प्रशासन इस बार चुनावी चौसर बिछने से पहले ही हर स्तर पर गड़बड़ियों की गुंजाइश को शून्य कर देना चाहता है।

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