फरीदाबाद में बड़ा हादसा: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में गिरे दो कर्मचारी, जहरीली गैस से मौत
Jun 09, 2026 11:06 AM
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के जीवन नगर पार्ट-1 स्थित नगर निगम के सरकारी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में मंगलवार की सुबह चीख-पुकार में बदल गई। यहां रोजाना की तरह काम पर आए दो युवा कर्मचारियों की टैंक के भीतर दम घुटने और डूबने से मौत हो गई। सुबह करीब 6 बजे हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया गया, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
ठेकेदार के फोन के बाद काम पर उतरे थे दोनों दोस्त
प्लांट ऑपरेटर शिवम कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए आकाश और अमन पिछले काफी समय से इस संयंत्र की देखरेख में जुटे थे। आकाश पिछले तीन साल से और अमन करीब डेढ़ साल से यहां तैनात था। दोनों की उम्र महज 26 वर्ष थी और दोनों अभी अविवाहित थे। शिवम ने बताया कि मंगलवार सुबह ठेकेदार की तरफ से फोन आया था कि टैंक की सफाई के लिए उसमें एक विशेष चैन लगानी है। इसी निर्देश के बाद आकाश और अमन मुस्तैदी से काम पर लग गए, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि मौत वहां उनका इंतजार कर रही है।
जहरीली गैस और कमजोर सुरक्षा उपकरणों ने ली जान
हादसे का जो मंजर सामने आया है, वह बेहद खौफनाक है। चश्मदीदों के मुताबिक, आकाश सबसे पहले सेफ्टी बेल्ट बांधकर गहरे टैंक के भीतर उतर रहा था। उसी दौरान अचानक टैंक से उठी जहरीली गैस के तीखे झोंके ने उसे सुन्न कर दिया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। वह खुद को संभाल पाता, इससे पहले ही उसकी सेफ्टी बेल्ट बीच से टूट गई और वह सीधे जहरीले पानी से भरे टैंक में जा गिरा। अपने साथी को मौत के मुंह में जाता देख अमन ने आव देखा न ताव और उसे बचाने के लिए नीचे कूद गया, लेकिन पैर फिसलने की वजह से वह भी गहरे दलदल में समा गया।
तीसरा साथी भी जा सकता था मौत के मुंह में
यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था। शिवम ने बताया कि जब आकाश और अमन अंदर डूब रहे थे, तो वहां मौजूद तीसरा कर्मचारी विपिन भी हौसला दिखाकर उन्हें बचाने के लिए अपनी सेफ्टी बेल्ट बांधकर नीचे उतरने लगा था।
घटनाक्रम को बयां करते हुए कर्मचारियों ने बताया:
"विपिन अभी कुछ ही नीचे गया था कि टैंक से निकल रही जानलेवा गैस का असर उस पर भी होने लगा। उसका सिर चकराया और वह भी नीचे गिरने ही वाला था कि किनारे पर खड़े अन्य कर्मचारियों ने अपनी जान पर खेलकर समय रहते उसे ऊपर खींच लिया। अगर चंद सेकेंड की भी देरी होती, तो आज मरने वालों का आंकड़ा तीन हो जाता।"
जांच और लापरवाही के दावों में उलझा प्रशासन
हादसे की खबर मिलते ही मुजेसर थाने से एएसआई सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की मदद से रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शवों को टैंक से बाहर निकाला।
मामले की तफ्तीश को लेकर एएसआई सुनील कुमार ने कहा:
"पुलिस को सुबह करीब 6:30 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी, जिसके बाद तुरंत दमकल विभाग को साथ लेकर रेस्क्यू शुरू किया गया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जहरीली गैस चढ़ने और सेफ्टी बेल्ट के टूटने की वजह से यह हादसा हुआ है। प्लांट में सुरक्षा मानकों को लेकर क्या लापरवाही बरती गई, इसकी गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"