Faridabad STP Project: अब ट्यूबवेल का झंझट खत्म, फरीदाबाद के इन गांवों में 24 घंटे मुफ्त मिलेगा साफ पानी
May 18, 2026 1:22 PM
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर से सटे फरीदाबाद में यमुना नदी के अस्तित्व और पर्यावरण को बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। यमुना के तटवर्ती ग्रामीण इलाकों से निकलने वाले दूषित पानी को सीधे नदी में मिलने से रोकने के लिए प्रशासन अब कमर कस चुका है। इसके तहत जिला मुख्यालय से सटे गांव इमामुद्दीनपुर में साढ़े तीन MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का एक आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित करने का खाका तैयार किया गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने इस पूरी परियोजना के लिए 16 करोड़ रुपये का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा है, जिसे इसी मई महीने में प्रशासनिक हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना है।
एनजीटी के डंडे के बाद जागा महकमा, पंचायतों ने दी जमीन
दरअसल, यमुना नदी में गिर रहे अनट्रीटेड पानी को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) लंबे समय से सख्त रुख अपनाए हुए था। एनजीटी ने साफ तौर पर इन गांवों के गंदे पानी को रोकने के लिए एसटीपी लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन लंबे समय से उपयुक्त जमीन न मिल पाने के कारण यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबा हुआ था। अब पेच सुलझने के बाद जमीन की व्यवस्था खंड विकास एवं पंचायत विभाग ने कराई है, जबकि निर्माण का जिम्मा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग संभालेगा। इस प्लांट के चालू होने से इमामुद्दीनपुर, शाहजहांपुर, फज्जुपुर, चांदपुर, साहुपुरा और अरुआ गांव का जो गंदा पानी अब तक सीधे नदी को जहरीला बना रहा था, उसे पहले फिल्टर किया जाएगा।
ट्यूबवेल की झंझट खत्म, खेतों तक मुफ्त पहुंचेगा 24 घंटे पानी
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा और खूबसूरत पहलू फरीदाबाद के अन्नदाताओं से जुड़ा है। एसटीपी में साफ होने वाले पानी को बेकार बहाने के बजाय सिंचाई विभाग इसे एक बड़े टैंक में स्टोर करेगा। इसके बाद भारी-भरकम पंपों के सहारे पाइपलाइन बिछाकर इसे आसपास के खेतों तक पहुंचाया जाएगा। किसानों को खेती के लिए यह पानी पूरी तरह मुफ्त मिलेगा। रोजाना करीब 35 लाख लीटर पानी मिलने से इलाके के किसानों की ट्यूबवेल और बिजली पर निर्भरता काफी हद तक खत्म हो जाएगी। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि फसलों के लिए पानी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा, जिससे लागत में भी भारी कमी आएगी।
रेनीवेल के पानी में सुधरेगा टीडीएस, बीमारियों पर लगेगी लगाम
यमुना के तटीय इलाकों में गंदा पानी रुकने से फरीदाबाद शहर की सेहत में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। दरअसल, इसी यमुना बेल्ट में कई सरकारी रेनीवेल लगे हुए हैं, जो पूरे फरीदाबाद शहर की प्यास बुझाते हैं। नदी का पानी दूषित होने के कारण इन रेनीवेल से सप्लाई होने वाले पेयजल में टीडीएस (TDS) की मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ चुकी थी। इसके अलावा, जहरीले पानी का सीधा असर किनारे चरने वाले मवेशियों और यहां उगाई जाने वाली हरी सब्जियों पर पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर इस ट्रीटमेंट प्लांट के चालू होते ही जहां भूमिगत जल का स्तर सुधरेगा, वहीं दूषित पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों से भी इंसानों और पशुओं को निजात मिलेगी।