आधी रात को प्राइवेट कार से ट्रकों की चेकिंग करने पहुंचे एक्सईएन और एसडीओ, वीडियो वायरल होने पर मचा बवाल
Jun 15, 2026 2:53 PM
प्रताप नगर (रघबीर सिंह)। हरियाणा के यमुनानगर जिले के अंतर्गत प्रताप नगर इलाके में सिंचाई विभाग के अधिकारियों का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। भूड़ कलां से ताजेवाला गौशाला मार्ग पर देर रात करीब 2:24 बजे का यह वीडियो बताया जा रहा है, जिसमें विभाग के दो बड़े अधिकारी—एक्सईएन (XEN) विजय गर्ग और एसडीओ (SDO) अजय कटारिया—सरकारी गाड़ी की बजाय एक निजी वाहन (प्राइवेट कार) में बैठकर खनन सामग्री ले जा रहे ट्रकों और डंपरों की जांच करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है और यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर रात के अंधेरे में अधिकारियों को निजी गाड़ी से चेकिंग करने की जरूरत क्यों पड़ी।
बीच सड़क पर छिड़ी बहस; "निजी गाड़ी से चेकिंग का अधिकार किसने दिया?"
घटनाक्रम के मुताबिक, देर रात अधिकारियों ने माइनिंग मटीरियल से भरे एक वाहन को रोककर उसकी जांच शुरू की थी। वाहन चालक ने इसकी भनक तुरंत स्थानीय रसूखदार चौधरी सन्नी भंगनोली को दी, जो कुछ ही देर में अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। वायरल वीडियो में सन्नी भंगनोली बेहद आक्रामक लहजे में अधिकारियों से उनके अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। वह पूछ रहे हैं कि पुलिस या माइनिंग विभाग के बिना सिंचाई विभाग के अधिकारी बीच सड़क पर वाहनों को कैसे रोक सकते हैं, वह भी बिना किसी सरकारी बोर्ड या प्रतीक वाली निजी गाड़ी में। इस दौरान एसडीओ अजय कटारिया अपना परिचय देते हुए यह दलील देते नजर आए कि चूंकि यह इलाका उनके विभागीय क्षेत्र के तहत आता है, इसलिए निगरानी रखना उनका दायित्व है।
नशे में धुत होकर वसूली का आरोप; प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
मामला केवल अधिकार क्षेत्र की बहस तक सीमित नहीं रहा। चौधरी सन्नी भंगनोली ने प्रशासन के आला अधिकारियों को घेरते हुए बेहद संगीन आरोप जड़े हैं। उनका कहना है कि मौके पर मौजूद अधिकारी कथित तौर पर नशे की हालत में थे और नियम-कानून की आड़ लेकर अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा था। सन्नी ने कहा, "अगर कोई वाहन ओवरलोड है या माइनिंग के नियमों को तोड़ रहा है, तो संबंधित विभाग उस पर कानूनी कार्रवाई करे, लेकिन आधी रात को इस तरह छिपकर निजी गाड़ियों से डराना पद का सीधा दुरुपयोग है।" हालांकि, एक जागरूक और जिम्मेदार मीडिया संस्थान होने के नाते 'जग मार्ग' इन आरोपों की किसी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है, क्योंकि यह अभी जांच का विषय है।
"यह हमारी जिम्मेदारी का हिस्सा"- एसडीओ ने दी सफाई, जनता की नजरें अब प्रशासन पर
इस पूरे मामले और अपनी किरकिरी होते देख सिंचाई विभाग के एसडीओ अजय कटारिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे तमाम आरोप बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि विभाग से जुड़े संवेदनशील और माइनिंग प्रभावित क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा है। उस रात भी गाड़ी को रोककर केवल यह देखने का प्रयास किया गया था कि उसमें किस तरह की सामग्री और दस्तावेज ले जाए जा रहे हैं। बहरहाल, इस वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर दो फाड़ कर दिए हैं; जहां कुछ लोग इसे अधिकारियों की मुस्तैदी बता रहे हैं, तो वहीं बड़ा वर्ग इसे भ्रष्टाचार की क्रोनोलॉजी से जोड़कर देख रहा है। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो पर जिला प्रशासन क्या संज्ञान लेता है।