फरीदकोट: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा राज्य को क्राइम-फ्री बनाने के लिए शुरू किए गए कैंपेन के तहत, फरीदकोट पुलिस ने आज 'ऑपरेशन प्रहार-2' के जरिए जिले में क्रिमिनल लोगों को कड़ी चोट पहुंचाई। डीजीपी पंजाब गौरव यादव के निर्देश पर शुरू किए गए इस कैंपेन को डीआईजी (क्राइम) नवीन सैनी और एसएसपी फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन ने लीड किया, जो खुद ग्राउंड ज़ीरो पर थे।



67 टीमों ने एक साथ कार्रवाई की

पुलिस ने यह ऑपरेशन बहुत ही सीक्रेट और प्लान्ड तरीके से किया। नवीन सैनी ने बताया कि फरीदकोट पुलिस की अलग-अलग यूनिट्स की 67 टीमें बनाई गईं, जिनमें करीब 500 पुलिसवाले शामिल थे। इन टीमों ने एक साथ गैंगस्टरों, उनके साथियों और उन्हें पनाह देने वाले या लॉजिस्टिक मदद देने वाले संदिग्ध लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।



होटल और शराबखानों की भी चेकिंग की गई

क्रिमिनल नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने खुद को सिर्फ रिहायशी इलाकों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि जिले के मुख्य होटलों और शराबखानों की भी तलाशी ली। पब्लिक और ज़रूरी जगहों पर कड़ी चेकिंग की गई कई हार्डकोर क्रिमिनल्स और उनके हमदर्दों को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।



जिले में क्रिमिनल्स के लिए कोई जगह नहीं: एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन

एसएसपी फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से इंटेलिजेंस पर आधारित था। उन्होंने साफ किया कि फरीदकोट पुलिस लोगों को डर-मुक्त माहौल देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्रिमिनल एक्टिविटीज़ में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे ऑपरेशन भविष्य में भी जारी रहेंगे।

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