नई दिल्ली: ओलंपिक की दोहरी कांस्य पदक विजेता मनु भाकर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना शानदार खेल दिखाते हुए एशियाई चैंपियनशिप की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। मनु स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंचीं और रोमांचक शूट-ऑफ तक मुकाबला खींच ले गईं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि वह एशियाई और वैश्विक स्तर पर शीर्ष निशानेबाजों में शामिल हैं।
स्वर्ण के लिए आखिरी शॉट तक चली कड़ी टक्कर
यह मुकाबला प्रतियोगिता के सबसे रोमांचक फाइनल में से एक रहा। मनु भाकर और वियतनाम की अनुभवी निशानेबाज एनगुयेन थुय ट्रेंग दोनों ने फाइनल में समान 35 अंक हासिल किए। इसके बाद स्वर्ण पदक का फैसला शूट-ऑफ में हुआ, जिसमें ट्रेंग ने मामूली अंतर से बाजी मारी। मनु का प्रदर्शन पूरे फाइनल के दौरान बेहद संतुलित और आत्मविश्वास से भरा रहा।
ईशा सिंह का शानदार खेल, कांस्य पदक पर कब्जा
इस स्पर्धा में भारत की एक और युवा निशानेबाज ईशा सिंह ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। ईशा ने फाइनल की शुरुआत शानदार अंदाज़ में की और पहली सीरीज में परफेक्ट पांच अंक हासिल किए। पूरे मुकाबले में उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी और अंत तक पदक की दौड़ में बनी रहीं।
भारतीय निशानेबाजों का दबदबा, फाइनल में दिखी मजबूती
फाइनल में मनु भाकर, ईशा सिंह, ओलंपियन रिदम सांगवान और वियतनाम की ट्रेंग के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। हर सीरीज के बाद पदक की स्थिति बदलती रही, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया। भारतीय निशानेबाजों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ शूटिंग की और अंत तक स्वर्ण पदक की लड़ाई में बने रहे।
क्वालीफिकेशन में भी भारतीयों का शानदार प्रदर्शन
इससे पहले क्वालीफिकेशन राउंड में ईशा सिंह ने 589 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि मनु भाकर 584 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। रिदम सांगवान ने भी फाइनल में जगह बनाई। इस तरह फाइनल में आठ में से तीन निशानेबाज भारत के थे, जो भारतीय शूटिंग की गहराई और मजबूती को दर्शाता है।
भारतीय टीम ने जीता स्वर्ण पदक
ईशा, मनु और रिदम की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 1,751 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीनी ताइपे ने रजत और वियतनाम ने कांस्य पदक हासिल किया। यह टीम जीत भारतीय शूटिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
जूनियर वर्ग में भी भारत का शानदार प्रदर्शन
जूनियर 25 मीटर पिस्टल फाइनल में भारत की नाम्या कपूर ने रोमांचक शूट-ऑफ में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी ने इंडोनेशिया की रिहादतुल अस्यिफा को पछाड़ा। अंजलि भागवत ने कांस्य पदक जीता, जबकि जूनियर भारतीय टीम ने इस स्पर्धा में टीम स्वर्ण भी अपने नाम किया।
भारतीय शूटिंग के लिए बेहद सकारात्मक संकेत
एशियाई चैंपियनशिप में मनु भाकर, ईशा सिंह और युवा निशानेबाजों का यह प्रदर्शन भारतीय शूटिंग के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है। लगातार पदक जीतना और स्वर्ण के लिए अंतिम क्षण तक लड़ना यह दिखाता है कि भारतीय निशानेबाज बड़े मंचों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।