FinancialTips: अचानक पैसों की जरूरत? जानें क्रेडिट कार्ड ईएमआई या पर्सनल लोन में से क्या है सस्ता

अचानक पैसों की जरूरत? जानें क्रेडिट कार्ड ईएमआई या पर्सनल लोन में से क्या है सस्ता
FinancialTips: जिंदगी में वित्तीय आपातकाल कभी भी दस्तक दे सकता है—चाहे वह कोई मेडिकल इमरजेंसी हो, घर की मरम्मत या फिर बच्चों की पढ़ाई का खर्च। ऐसे वक्त में अक्सर लोग बैंक के चक्कर काटने के बजाय तुरंत फंड का इंतजाम करने की सोचते हैं। आजकल क्रेडिट कार्ड ईएमआई (Credit Card EMI) और पर्सनल लोन (Personal Loan) दो ऐसे माध्यम हैं, जो चुटकियों में पैसों का इंतजाम कर देते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला बाद में आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। दोनों ही विकल्पों में ब्याज दरों, प्रोसेसिंग शुल्क और हिडन चार्जेस का काफी अंतर होता है, जो आपकी रीपेमेंट की कुल लागत को तय करता है।
आसान और झटपट सुविधा, लेकिन क्रेडिट कार्ड EMI का ब्याज पड़ सकता है भारी
क्रेडिट कार्ड ईएमआई की सबसे बड़ी खूबी इसकी त्वरित उपलब्धता है। यदि आप पहले से क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं और आपकी क्रेडिट लिमिट अच्छी है, तो किसी भी बड़े खर्च को आप बिना किसी कागजी कार्रवाई या अप्रूवल के ईएमआई में बदल सकते हैं। हालांकि, जितनी आसानी से यह सुविधा मिलती है, उतनी ही यह महंगी भी हो सकती है। बैंक आमतौर पर क्रेडिट कार्ड ईएमआई पर 12% से लेकर 24% सालाना तक का मोटा ब्याज वसूलते हैं। इसके अलावा, ईएमआई कन्वर्जन शुल्क और उस पर लगने वाला 18% जीएसटी आपके कुल बिल को काफी बढ़ा देता है।
सिबिल स्कोर अच्छा है तो पर्सनल लोन बनेगा ज्यादा किफायती विकल्प
दूसरी तरफ बात करें पर्सनल लोन की, तो यह एक अनसिक्योर्ड लोन है जिसके लिए आपको बैंक या एनबीएफसी (NBFC) में आवेदन करना होता है। बैंक आपकी आय, नौकरी की स्थिरता और सिबिल (CIBIL) स्कोर की जांच के बाद ही लोन स्वीकृत करता है। पर्सनल लोन की ब्याज दरें आमतौर पर 10.5% से शुरू होकर 22% तक जाती हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 से ऊपर है, तो बैंक आपको क्रेडिट कार्ड ईएमआई के मुकाबले काफी सस्ती ब्याज दर पर लोन दे सकता है। हालांकि, पर्सनल लोन में प्रोसेसिंग फीस चुकानी होती है और पैसे बैंक खाते में आने में कुछ घंटों से लेकर 1-2 दिन का वक्त लग सकता है।
छोटी अवधि या बड़ा लोन: आपकी जरूरत के हिसाब से क्या है सही फैसला?
दोनों विकल्पों में से सही चुनाव पूरी तरह से आपकी जरूरत, राशि और भुगतान अवधि पर निर्भर करता है। अगर आपको 3 से 6 महीने की छोटी अवधि के लिए छोटी रकम की जरूरत है या फिर मर्चेंट की तरफ से ‘नो-कॉस्ट ईएमआई’ (No-Cost EMI) का ऑफर मिल रहा है, तो क्रेडिट कार्ड एक बढ़िया जरिया है। लेकिन अगर आपको 1 लाख से अधिक की बड़ी राशि चाहिए और आप उसे 1 से 5 साल की लंबी अवधि में आसान किस्तों पर चुकाना चाहते हैं, तो पर्सनल लोन ही समझदारी भरा और किफायती फैसला साबित होगा। वित्तीय फैसला लेने से पहले दोनों के कुल खर्च (Total Cost of Loan) की तुलना जरूर कर लें।
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