गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-10 क्षेत्र में एक अत्यंत गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कक्षा आठवीं में पढ़ने वाली 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ उसके पड़ोस में रहने वाले युवक ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। इस अपराध के कारण छात्रा गर्भवती हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस मामले की पुष्टि की।
लंबे समय तक चुप्पी, तबीयत बिगड़ने पर सामने आई सच्चाई
पुलिस के अनुसार, यह घटना लगभग एक महीने पहले घटित हुई थी। पीड़िता ने भय, मानसिक दबाव और सामाजिक कारणों से इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। सोमवार को जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे असहनीय पेट दर्द की शिकायत हुई, तब परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ।
अस्पताल से सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही सेक्टर-10 थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की। चूंकि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम है, इसलिए यह मामला यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया।
मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज हुआ पीड़िता का गोपनीय बयान
मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मंगलवार देर रात पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बयान के दौरान सभी कानूनी प्रोटोकॉल का पालन किया गया, ताकि पीड़िता पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव न पड़े और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा सके।
पीड़िता की मां के साथ करता था काम, परिचय का उठाया फायदा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी 19 वर्षीय युवक उत्तर प्रदेश का निवासी है और वह पीड़िता की मां के साथ एक निजी कंपनी में सहायक के रूप में कार्य करता था। आरोपी पीड़िता के घर के पास ही एक किराए के मकान में अकेला रहता था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने इस परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर नाबालिग के साथ यह अपराध किया।
घटना के बाद से फरार आरोपी, तलाश में जुटीं कई पुलिस टीमें
मामला सामने आने के बाद से ही आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। आरोपी की तलाश में कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “आरोपी की गिरफ्तारी हमारी प्राथमिकता है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
पीड़िता को चिकित्सकीय, मानसिक और कानूनी सहायता
पुलिस ने बताया कि पीड़िता को फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। इसके साथ ही उसे मानसिक परामर्श (काउंसलिंग) और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग को भी मामले की सूचना दे दी गई है, ताकि पीड़िता के पुनर्वास और सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जा सके।
नाबालिगों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में नाबालिगों की सुरक्षा, बच्चों के साथ संवाद की कमी, और भरोसे के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार, समाज और संस्थाओं की सतर्कता बेहद आवश्यक है, ताकि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को समय रहते रोका जा सके।