बरनाला : बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) के कार्यकर्ता और बरनाला पुलिस आमने-सामने हो गए। पुलिस ने किसानों को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन सैकड़ों की संख्या में मौजूद किसान बैरिकेड तोड़कर आगे निकलने में कामयाब रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई और पुलिस ने किसानों को पकड़-पकड़ कर बसों में चढ़ाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, इस दौरान महिला किसान भी नारे लगाती हुई भागती नज़र आईं। पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में कई किसान सड़कों पर गिरते दिखाई दिए, लेकिन पुलिस ने सभी को उठाकर बसों में डालना शुरू कर दिया। 


भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां के नेतृत्व में आज बठिंडा के डीसी कार्यालय का घेराव करने और रोष प्रदर्शन करने का बड़ा ऐलान किया गया था। जिसके तहत आज बरनाला पुलिस सहित पंजाब पुलिस द्वारा जोगिंदर सिंह उग्राहां को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद संगठन के हजारों नेताओं और किसानों ने बठिंडा डीसी कार्यालय के घेराव में शामिल होना था। लेकिन उन्हें बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर तपा मंडी स्थित हाई-टेक नाके के पास बरनाला पुलिस द्वारा रोक लिया गया, जिसे लेकर संगठन और तपा पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस मौके पर किसान नेताओं ने बरनाला पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया, तो वे खुद पुलिस द्वारा लगाए गए सभी बैरिकेड तोड़कर सीधे दाखिल होंगे, जिसकी जिम्मेदारी बरनाला पुलिस और मौजूदा सरकार की होगी।



किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन: जिला अध्यक्ष

इस मामले के संबंध में भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) के जिला बरनाला अध्यक्ष चमकौर सिंह नैनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बठिंडा के गांव जिओंद में सरदारों की करीब 700 एकड़ भूमि के मामले में संगठन द्वारा किसानों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा था। इसके तहत जिला बठिंडा के पुलिस थाना रामपुरा में गांव जिओंद के निवासी किसान सगनदीप सिंह और गांव चौंके के किसान बलदेव सिंह के खिलाफ रामपुरा पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया था। 

इसमें सगनदीप सिंह को जेल भेज दिया गया और उसकी माता की मृत्यु होने के बाद भी उसे रिहा नहीं किया गया। संगठन के नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द नहीं किए जाते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के दौरान जहां पुलिस के साथ किसानों की धक्का-मुक्की हुई, वहीं बरनाला पुलिस द्वारा करीब 53 किसानों को गिरफ्तार भी किया गया है।



बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश

भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) द्वारा आज डीसी कार्यालय में इकट्ठा होकर न्याय के लिए बड़ा रोष प्रदर्शन करना था। इस मामले को लेकर बरनाला पुलिस ने बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे और तपा हाई-टेक नाके पर भारी पुलिस बल के साथ बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने की कोशिश की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें जिला बरनाला के एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम सहित कई अधिकारी और डीएसपी शामिल थे। नेशनल हाईवे के दोनों ओर बड़े-बड़े ट्रक खड़े किए गए थे और वाटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रबंध भी किया गया था।

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