Fire Brigade Suspension: हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे फायर ब्रिगेड (अग्निशमन) कर्मचारियों और सरकार के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग के महानिदेशक (DG) शेखर विद्यार्थी ने अनुशासनहीनता और हड़ताल में शामिल होने के आरोप में बड़ी विभागीय कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत राज्यभर के विभिन्न फायर स्टेशनों पर तैनात 14 कर्मचारियों व अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
सस्पेंड कर्मचारियों के बदले गए मुख्यालय, थमाया जाएगा अलग से आरोप पत्र
जारी विभागीय आदेशों के अनुसार, निलंबित किए गए सभी 14 कर्मचारियों को जल्द ही अलग से चार्जशीट (आरोप पत्र) थमाई जाएगी। निलंबन की अवधि के दौरान इन सभी को ‘हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) रूल्स, 2016’ के नियम-83 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। इसके अलावा मुख्यालय ने आदेश की प्रतियां चंडीगढ़ स्थित प्रधान महालेखाकार, संबंधित जिलों के खजाना अधिकारियों (ट्रेजरी ऑफिसर्स) और दमकल केंद्र प्रभारियों को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी हैं।
सरकार ने दिया 9 बजे तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम
14 कर्मचारियों के निलंबन के तुरंत बाद विभाग की ओर से एक और सख्त पत्र जारी किया गया है। इस नए आदेश में हड़ताल पर चल रहे सभी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे कल सुबह 9 बजे तक हर हाल में अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट आएं। पत्र में इसे कर्मचारियों के लिए ‘अंतिम अवसर’ करार दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सुबह 9 बजे तक कर्मचारी काम संभालते नजर नहीं आए, तो अनुपस्थित रहने वाले सभी कर्मचारियों को एक साथ सस्पेंड कर दिया जाएगा।
‘ऐसी गीदड़ भभकियों से दबेंगे नहीं’: दमकल कर्मचारियों ने दिखाए बगावती तेवर
इस सख्त कार्रवाई और अल्टीमेटम के बाद दमकल कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क गया है। फतेहाबाद के फायरमैन सतबीर सहारण ने संघ की तरफ से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देर रात विभाग ने निलंबन के पत्र जारी किए हैं। सरकार ने महासंघ के प्रमुख नेताओं गुलशन, राजेंद्र सिंह समेत कई अन्य साथियों को सस्पेंड किया है, लेकिन इस तरह की दंडात्मक कार्रवाइयों और गीदड़ भभकियों से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं और जब तक सरकार मांगों का समाधान नहीं करती, हड़ताल मजबूती के साथ जारी रहेगी।

