September 15, 2026

Haryana News: धान की सरकारी खरीद पर हरियाणा के कृषि मंत्री का बड़ा बयान, किसान जल्दबाजी में न काटें फसल, मंडी में नमी बनेगी आफत

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Haryana News: धान की सरकारी खरीद पर हरियाणा के कृषि मंत्री का बड़ा बयान, किसान जल्दबाजी में न काटें फसल, मंडी में नमी बनेगी आफत

धान की सरकारी खरीद पर हरियाणा के कृषि मंत्री का बड़ा बयान, किसान जल्दबाजी में न काटें फसल

Haryana News: हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य के किसानों को धान की कटाई में जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडियों में पूरी तरह पकी और तय मानकों के अनुरूप नमी वाली फसल पहुंचेगी, तो उसकी खरीद तत्काल प्रभाव से की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जल्दबाजी के चक्कर में ऐसा धान मंडियों में नहीं आना चाहिए, जिसमें नमी की मात्रा ज्यादा हो, क्योंकि इससे किसान और मिलर्स दोनों को नुकसान होता है।

कृषि मंत्री कुरुक्षेत्र स्थित भाजपा के जिला कार्यालय ‘गीता कमल’ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। हाल ही में हुई किसान महापंचायत में 15 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू करने और नमी की सीमा 17% से बढ़ाकर 20% तक करने की मांग उठाई गई थी, जिस पर मंत्री का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।

कंबाइन हार्वेस्टिंग से बढ़ी नमी की समस्या, 10-12 दिन और पकने दें फसल

कृषि मंत्री ने कहा कि पारंपरिक रूप से पहले किसान हाथों से धान की कटाई करते थे, जिससे फसल को खेतों में ही सूखने का पूरा समय मिल जाता था। अब आधुनिक दौर में कंबाइन मशीनों से कटाई होने के कारण काम तो जल्दी निपट जाता है, लेकिन खेत के अलग-अलग हिस्सों में धान की नमी असमान रह जाती है।

उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें उनकी उपज का पूरा भाव दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और खरीद व्यवस्था में कोई अड़चन नहीं आने दी जाएगी। राणा ने कहा कि यदि किसान फसल को 10-12 दिन और पकने का समय दें, तो उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी और नमी की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

राइस मिलिंग प्रक्रिया को समझना जरूरी, गेहूं से अलग है धान का गणित

धान की खरीद प्रक्रिया का गणित समझाते हुए मंत्री ने कहा कि गेहूं की खरीद के बाद उसे सीधे सरकारी गोदामों में भंडारण के लिए भेज दिया जाता है, जबकि धान के मामले में व्यवस्था अलग है। धान को खरीद के बाद राइस मिलों में भेजना पड़ता है, जहां मिलिंग के बाद चावल तैयार होता है। यही चावल केंद्र सरकार के पूल में जमा कराया जाता है।

उन्होंने कहा कि राइस मिलर्स इस पूरी व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। जब मंडी में ज्यादा नमी वाला धान पहुंचता है, तो मिलिंग के समय चावल टूटने और गुणवत्ता खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए नमी और गुणवत्ता के मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, बच्चों के विचार आएंगे सामने

पत्रकार वार्ता के दौरान कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पार्टी द्वारा चलाए जाने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश भर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा, जिसकी पहुंच बूथ स्तर तक होगी। इसके संचालन के लिए राज्य, जिला, विधानसभा और शक्ति केंद्र स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

इस अभियान से स्कूली छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। सरकारी और निजी स्कूलों में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि 2047 के विकसित भारत को लेकर नई पीढ़ी के विचारों को जाना जा सके। इसके अलावा, ‘सेवा की अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटकों के जरिए जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाएगी।

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