Haryana News: सफाई कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज और चिरायु योजना लागू, हरियाणा सरकार ने जारी किए नए आदेश

सफाई कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज और चिरायु योजना लागू
Haryana News: हरियाणा के नगर निकायों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने न केवल कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा की चिंता की है, बल्कि उनके बेहतर स्वास्थ्य, बीमा और सेवा सुरक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को भी अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के पालिका रोल, नियमित और आउटसोर्सिंग (HKRNL) के तहत लगे हजारों सफाई कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
भत्तों में बंपर इजाफा और एटीसी का लाभ
सरकार की ओर से मंजूर किए गए नए प्रस्तावों के तहत अब पालिका रोल सफाई कर्मचारियों को 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वाले पालिका रोल और नियमित कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता (रिस्क अलाउंस) देने पर सहमति बनी है। पालिका रोल सीवरमैन के मासिक वेतन में सीधे 2,100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, इन कर्मचारियों को नियमानुसार एलटीसी (LTC) की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
50 लाख तक का जीवन बीमा और कैशलेस इलाज
कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को पुख्ता करते हुए सरकार ने दुर्घटना बीमा राशि को दोगुना कर दिया है। ऑन-ड्यूटी किसी हादसे में मौत होने पर परिजनों को मिलने वाली आर्थिक मदद को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। वहीं, एसबीआई सुरक्षा योजना के तहत पालिका रोल सफाई कर्मियों और सीवरमैन को बड़ी राहत मिली है; अब किसी हादसे में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 50 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये के क्लेम का प्रावधान रहेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो सफाई कर्मियों और सीवरमैन को ‘चिरायु योजना’ से जोड़ा जाएगा, जिसका 9,203 रुपये का सालाना प्रीमियम खुद नगर निकाय भरेगा। कर्मचारियों को हर साल 20 मेडिकल लीव के साथ-साथ साल में एक बार मुफ्त हेल्थ चेकअप और कैशलेस इलाज का लाभ भी मिलेगा।
पदोन्नति के दरवाजे खुले, सेवा सुरक्षा की मिली गारंटी
कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करते हुए सरकार ने ग्रुप-सी (लिपिक) पदों पर योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने के लिए सेवा नियमों में बदलाव की तैयारी की है। निकायों में खाली पड़े पदों को 15 दिनों के भीतर विज्ञापित किया जाएगा, जिसकी चयन समिति में यूनियन प्रतिनिधियों को भी जगह मिलेगी। आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वेतन के साथ ESI और EPF की गारंटी दी गई है। वहीं, हड़ताल अवधि के काम को समायोजित करने और सेवा समाप्त कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने पर सहमति बन गई है। किसी कर्मचारी के निधन पर ‘जॉब सिक्योरिटी एक्ट’ के तहत परिवार के सदस्य को नौकरी और ग्रेच्युटी दी जाएगी।
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