महिला आयोग के सामने पेश हुए रैपर बादशाह, विवादित गाने 'टटीरी' के लिए मांगी माफी
Apr 08, 2026 11:15 AM
हरियाणा। मशहूर बॉलीवुड सिंगर और रैपर बादशाह के सुर इन दिनों बदले-बदले नजर आ रहे हैं। अपने हालिया रिलीज गाने "टटीरी" के बोलों को लेकर उपजे विवाद के बाद मंगलवार को बादशाह को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के कटघरे में खड़ा होना पड़ा। दिल्ली स्थित आयोग के मुख्यालय में हुई इस अहम सुनवाई के दौरान बादशाह के साथ गाने के निर्देशक जोबन संधू और निर्माता हितेन भी मौजूद रहे। आयोग ने गाने के फिल्मांकन और उसके शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बताया। चौतरफा दबाव और आयोग की सख्ती को देखते हुए बादशाह ने बिना किसी दलील के अपनी गलती मानी और लिखित में माफीनामा पेश किया।
विजया रहाटकर की सख्ती: "कला के नाम पर फूहड़पन बर्दाश्त नहीं"
महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामले की सुनवाई करते हुए साफ शब्दों में कहा कि मनोरंजन के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग का रुख इतना कड़ा था कि बादशाह और उनकी पूरी टीम ने भविष्य में इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट से तौबा करने का आश्वासन दिया। बादशाह ने आयोग को भरोसा दिलाया कि वह अपनी कला का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करेंगे। इसी कड़ी में उन्होंने वादा किया कि अगले चार महीनों के भीतर वह महिला सशक्तिकरण पर आधारित एक विशेष गाना तैयार करेंगे, जो युवाओं को सही दिशा दिखाने का काम करेगा।
सिर्फ माफी नहीं, 50 लड़कियों की शिक्षा का भी उठाया जिम्मा
सुनवाई के दौरान बादशाह ने केवल शब्दों से ही खेद प्रकट नहीं किया, बल्कि ठोस सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी घोषणा की। उन्होंने आयोग के सामने प्रस्ताव रखा कि वह आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की 50 मेधावी लड़कियों की स्कूली शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेंगे। सिंगर के इस कदम को उनके इमेज मेकओवर की कोशिश और 'डैमेज कंट्रोल' के तौर पर देखा जा रहा है। आयोग ने उनके इस प्रस्ताव की सराहना तो की है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में उनके हर प्रोजेक्ट पर नजर रखी जाएगी ताकि दोबारा भाषाई मर्यादा न लांघी जाए।