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दिल्ली में प्रवासियों को बड़ी राहत: अब गैस के लिए नहीं काटना होगा चक्कर

Apr 08, 2026 12:21 PM

दिल्ली। देश की राजधानी में रोजी-रोटी की तलाश में आए प्रवासी मजदूरों और पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए रसोई का बजट और प्रबंधन अब आसान होने वाला है। दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत प्रवासियों के लिए आरक्षित कोटे को सीधा दोगुना कर दिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि अब 19 किलो के बराबर वाले कमर्शियल एलपीजी का कोटा 180 से बढ़ाकर 360 सिलेंडर प्रतिदिन कर दिया गया है। अगर इसे 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों के हिसाब से देखें, तो अब रोजाना 1,368 सिलेंडर प्रवासियों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

वितरण में पारदर्शिता: आधार अनिवार्य और '7 दिन' का नियम लागू

सरकार ने इस बार वितरण व्यवस्था को बेहद सख्त और पारदर्शी बनाया है ताकि कालाबाजारी पर लगाम कसी जा सके। अब किसी भी प्रवासी मजदूर को सिलेंडर लेने के लिए आधार वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस बनाने का निर्देश दिया गया है ताकि एक ही व्यक्ति बार-बार सिलेंडर लेकर उसे ऊंचे दामों पर न बेच सके। नियमों के मुताबिक, एक बार सिलेंडर लेने के बाद संबंधित व्यक्ति को कम से कम 7 दिन के बाद ही दूसरी रिफिल दी जाएगी। सिरसा ने साफ किया कि अगर किसी श्रेणी में सिलेंडर बच जाते हैं, तो उन्हें दूसरी श्रेणी में ट्रांसफर किया जा सकेगा, लेकिन इसकी पल-पल की जानकारी विभाग को देनी होगी।

सेक्टरवार कोटा तय: अस्पतालों और होटलों को भी प्राथमिकता

दिल्ली सरकार ने गैस वितरण के लिए एक विस्तृत प्राथमिकता सूची (Priority List) तैयार की है। कुल 6,480 सिलेंडरों की दैनिक सीमा में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी 3375 सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए तय किया गया है। वहीं, लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्री जैसे टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और फार्मा सेक्टर को 1800 सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 225 सिलेंडर और खेल स्टेडियमों के लिए 270 सिलेंडरों का कोटा निर्धारित है। सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्थित बंटवारे से जरूरी सेवाओं में कभी गैस की किल्लत नहीं होगी।

पीएनजी कनेक्शन की सलाह और सख्त निगरानी

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने प्रवासियों और उद्योगों को लंबी अवधि के समाधान के तौर पर पीएनजी (PNG) कनेक्शन लेने की भी सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सरकार और ओएमसीज के बीच रोजाना समन्वय बिठाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या कृत्रिम कमी पैदा न हो। विभाग की टीमें पूरी दिल्ली में सघन जांच अभियान चला रही हैं। सिरसा ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी एजेंसी या वेंडर जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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