हरियाणा रोडवेज में बंपर भर्ती! 2397 कंडक्टरों के पदों के लिए HSSC को भेजी गई फाइल
Apr 08, 2026 1:15 PM
हरियाणा। हरियाणा के बेरोजगार युवाओं के लिए साल 2026 की यह सबसे बड़ी खुशखबरी बनकर आई है। लंबे समय से स्टाफ की कमी झेल रहे हरियाणा राज्य परिवहन विभाग ने अब खाली पदों को भरने का मन बना लिया है। विभाग ने 2397 परिचालकों (कंडक्टर) के पदों पर नई भर्ती के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को औपचारिक मांग पत्र भेज दिया है। परिवहन निदेशालय की ओर से यह कदम विभाग में बसों की बढ़ती संख्या और रिटायरमेंट के कारण पैदा हुए खाली पदों को भरने के लिए उठाया गया है। निदेशक प्रदीप गोदारा की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब गेंद आयोग के पाले में है।
नई बसों का काफिला और स्टाफ की जरूरत
दरअसल, हरियाणा सरकार रोडवेज के बेड़े को आधुनिक बनाने और इसका विस्तार करने पर पूरा जोर दे रही है। इस वित्त वर्ष के दौरान विभाग 1000 नई शानदार बसें खरीदने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही, शहरों में प्रदूषण कम करने और सुगम यातायात के लिए 'सिटी बस सर्विस' के तहत 375 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की भी योजना है। वर्तमान में महज 68 इलेक्ट्रिक बसें ही रूटों पर दौड़ रही हैं। जैसे-जैसे नई बसें बेड़े का हिस्सा बनेंगी, वैसे-वैसे उन्हें चलाने के लिए परिचालकों की भारी जरूरत पड़ेगी। इसी भविष्य की मांग को देखते हुए विभाग ने समय रहते भर्ती का प्रस्ताव भेज दिया है।
HSSC जल्द जारी कर सकता है नोटिफिकेशन
आयोग को पत्र मिलने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द इन पदों के लिए विज्ञापन (Notification) जारी किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया को लेकर विभाग और आयोग के बीच तालमेल बिठाया जा रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर परीक्षा और चयन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है क्योंकि नई बसों का संचालन बिना पर्याप्त स्टाफ के मुमकिन नहीं है। युवाओं को सलाह दी गई है कि वे अपने दस्तावेज और तैयारी दुरुस्त रखें, क्योंकि भर्ती की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
हरियाणा में रोडवेज की नौकरी हमेशा से युवाओं की प्राथमिकता रही है। 2300 से ज्यादा पदों पर होने वाली यह भर्ती न केवल परिवहन सेवाओं में सुधार लाएगी, बल्कि प्रदेश के हजारों परिवारों को रोजगार का संबल भी देगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से रोडवेज यूनियनों द्वारा भी खाली पदों को भरने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। अब सरकार के इस फैसले से जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं विभाग का कामकाज भी सुचारू होगा।