सड़क किनारे मौत बनकर खड़े खंभों पर सीएम सैनी का एक्शन: अब 3 फीट की दूरी होगी अनिवार्य, लापरवाही पर नपेगा विभाग
Mar 14, 2026 3:59 PM
हरियाणा। हरियाणा में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने अब बिजली के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों के बिल्कुल साथ सटे बिजली के खंभे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि नए खंभे लगाते समय सड़क के किनारे से कम से कम 3 फीट की दूरी सुनिश्चित की जाए। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि वाहन चालकों को पर्याप्त जगह मिल सके और अनियंत्रित होने की स्थिति में गाड़ियां सीधे खंभों से न टकराएं।
जर्जर खंभों की होगी छुट्टी, अधिकारियों की जवाबदेही तय
बैठक में मुख्यमंत्री ने केवल नए नियमों की बात नहीं की, बल्कि सड़कों के किनारे खड़े पुराने और खतरनाक खंभों को लेकर भी सख्त लहजे में बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो खंभे जर्जर हो चुके हैं या जिनका अब कोई उपयोग नहीं रह गया है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। अक्सर देखा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद पुराने खंभे बीच रास्ते या बिल्कुल किनारे रह जाते हैं, जो रात के अंधेरे में जानलेवा साबित होते हैं। अब ऐसे सभी 'ब्लैक स्पॉट्स' को चिन्हित कर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
संसाधनों का सही इस्तेमाल: कबाड़ नहीं बनेगा सरकारी पैसा
मुख्यमंत्री ने एक अहम पहलू संसाधनों की बर्बादी को लेकर भी उठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि हटाए गए खंभों का प्रॉपर स्टॉक रिकॉर्ड बनाया जाए। सीएम का विजन साफ है कि जो खंभे हटाए जा रहे हैं, अगर वे ठीक हालत में हैं तो उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय किसी अन्य उपयोगी जगह पर लगाया जाए। लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की मौजूदगी में सीएम ने विभागों के बीच आपसी तालमेल (Inter-departmental coordination) की कमी पर भी चुटकी ली और कहा कि जनहित की योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
पारदर्शिता और समयसीमा पर जोर
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों का असली मकसद आम आदमी का जीवन सरल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखें, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता के साथ जमीन पर उतारें। सड़कों को बाधा मुक्त बनाने का यह मिशन न केवल प्रदेश के विकास को गति देगा, बल्कि कीमती जानों को बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।