Search

Punjab News: मोगा में बढ़ती गर्मी के चलते स्कूलों में हर घंटे वॉटर ब्रेक अनिवार्य, छात्रों की सेहत को प्राथमिकता, डीसी ने दिए निर्देश

Apr 28, 2026 3:14 PM

मोगा: पंजाब के मोगा जिले में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत अब हर घंटे के बाद स्कूलों में ‘वॉटर ब्रेक’ अनिवार्य किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिहाइड्रेशन से बचाना और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

हर घंटे वॉटर ब्रेक से मिलेगी राहत

डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार, हीट वेव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों में हर घंटे पानी पीने के लिए विशेष ब्रेक दिया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में घंटी बजाई जाएगी, ताकि कोई भी छात्र पानी पीने से न चूके। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से बच्चों में पानी पीने की आदत बढ़ेगी और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाव होगा।

स्कूलों को दिए गए सख्त निर्देश

जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अलावा स्कूलों को साफ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था हर समय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

बाहरी गतिविधियों में बदलाव जरूरी

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सुबह की प्रार्थना सभाओं और बाहरी गतिविधियों को सीमित किया जाए। अत्यधिक गर्मी के समय होने वाली खेलकूद या शारीरिक गतिविधियों को टालकर दिन के ठंडे समय में आयोजित किया जाए। इससे विद्यार्थियों को सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाया जा सकेगा।

जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर

प्रशासन ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों और स्टाफ के बीच गर्मी से बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए। इसमें पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचाव और हल्के कपड़े पहनने जैसी सावधानियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर ही स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

डीसी ने सभी अधिकारियों को जारी किया पत्र

डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री), डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी और सभी बीपीईओ के साथ-साथ निजी स्कूलों और कॉलेजों के प्रमुखों को पत्र जारी किया है। इसमें इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर किसी भी तरह का खतरा न आए।

You may also like:

Please Login to comment in the post!