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Barnala News: ट्राइडेंट ग्रुप में ड्रोन गिरने से हड़कंप, विशेष साइबर अपराध टीम और पुलिस मौके पर, जांच जारी

Apr 28, 2026 5:00 PM

बरनाला: जिले के प्रमुख औद्योगिक संस्थान ट्राइडेंट ग्रुप के धौला प्लांट में मंगलवार की सुबह एक रहस्यमयी ड्रोन मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई इस घटना ने न केवल प्लांट प्रबंधन को सतर्क कर दिया, बल्कि जिला पुलिस भी तत्काल हरकत में आ गई। इस घटना को इसलिए भी अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इससे मात्र 2 दिन पहले ही ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक पद्मश्री राजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। 

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग 5:30 बजे ट्राइडेंट ग्रुप के धौला प्लांट की पेपर डिवीजन के वुड फाइबर लाइन क्षेत्र में कर्मचारी अपनी नियमित ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी नज़र आसमान से नीचे गिरती एक अज्ञात वस्तु पर पड़ी। कर्मचारी पहले तो घबरा गए, लेकिन हिम्मत करके जब वे उस वस्तु के पास गए तो उन्हें वह एक ड्रोन जैसी दिखाई दी। मामले की गंभीरता को भांपते हुए कर्मचारियों ने तुरंत अपने शिफ्ट इंचार्ज को इसकी सूचना दी।

शिफ्ट इंचार्ज ने बिना देरी किए प्लांट के एडमिन हेड रूपिंदर गुप्ता को इस संबंध में जानकारी दी। रूपिंदर गुप्ता तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के बाद सारी सूचना जिला पुलिस प्रमुख मोहम्मद सरफराज आलम को दी। पुलिस प्रमुख ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत डीएसपी तपा जसकरण सिंह और थाना रूड़ेके के मुख्य अधिकारी बलविंदर सिंह को मौके पर रवाना किया। इसके साथ ही साइबर क्राइम की विशेष टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया ताकि ड्रोन की तकनीकी जांच की जा सके।

साइबर सेल ने की गहन तकनीकी जांच

साइबर सेल के विशेषज्ञ नवजोत चाहल और जसवंत सिंह ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन की बारीकी से तकनीकी जांच की। विशेषज्ञों ने ड्रोन को ध्यान से परखा और इससे जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी इकट्ठा की। जांच टीम ने आसपास के क्षेत्र का भी मुआयना किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ड्रोन कहाँ से आया, किसने उड़ाया और इसका मकसद क्या था। प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की भी गहराई से समीक्षा की गई।

चाइनीज ड्रोन होने का संदेह, भेजा जाएगा फॉरेंसिक लैब

जिला पुलिस प्रमुख मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि पहली नज़र में यह ड्रोन चाइनीज निर्मित प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इस किस्म के साधारण ड्रोन आमतौर पर अमेज़न जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दो से तीन हजार रुपये में आसानी से उपलब्ध होते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता और सतर्कता से ले रही है। उन्होंने बताया कि इस ड्रोन को 'ड्रोन फॉरेंसिक लैब' में भेजा जाएगा, जहाँ इसकी विस्तृत तकनीकी जांच होगी। फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रोन में कैमरा या कोई अन्य उपकरण लगा था या नहीं और इसे किस उद्देश्य के लिए उड़ाया जा रहा था।

राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है मामला

इस पूरे मामले में सबसे अहम और चर्चित पहलू यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक पद्मश्री राजेंद्र गुप्ता ने महज दो दिन पहले ही आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इस राजनीतिक पाला बदलने के ठीक दो दिन बाद उनके फैक्ट्री परिसर में एक अज्ञात ड्रोन का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि कहीं किसी ने ड्रोन की मदद से फैक्ट्री की निगरानी करने की कोशिश तो नहीं की। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई ठोस बयान नहीं दिया है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

औद्योगिक सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में औद्योगिक संस्थानों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही अलर्ट जारी है। ट्राइडेंट ग्रुप एक प्रमुख और बड़ा औद्योगिक समूह है। इसके परिसर में किसी अज्ञात ड्रोन का इस तरह गिरना स्वाभाविक रूप से गहरी चिंता का विषय है। इस घटना के बाद प्लांट प्रबंधन ने भी अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में सुरक्षा और कड़ी किए जाने की संभावना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी और उसी आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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