हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों की मौज: अब 58 साल तक नहीं जाएगी नौकरी, पोर्टल की डेट बढ़ी
Mar 18, 2026 12:50 PM
हरियाणा। हरियाणा के सरकारी महकमों, बोर्डों और निगमों में बरसों से 'कच्ची' नौकरी कर रहे कर्मचारियों के लिए अब स्थायी सुकून की खबर है। प्रदेश सरकार ने चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाते हुए अनुबंधित कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा सुरक्षा देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब किसी भी कच्चे कर्मचारी को बिना ठोस कारण के नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। सरकार ने इसके लिए विशेष पोर्टल शुरू किया है, जिस पर पंजीकरण कराकर कर्मचारी अपनी नौकरी को 58 साल तक के लिए सुरक्षित कर सकते हैं।
समयसीमा में बढ़ोत्तरी: अब 15 अप्रैल तक मौका
मानव संसाधन विभाग ने कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए आवेदन की तारीख को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। अब पात्र कर्मचारी 15 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक पोर्टल securedemployee.csharyana.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। विभाग का मानना है कि कई कर्मचारियों को दस्तावेज जुटाने और तकनीकी कारणों से दिक्कतें आ रही थीं, जिसे देखते हुए यह मोहलत दी गई है। इस कदम से प्रदेश के हजारों उन परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी जो लंबे समय से अपनी नौकरी के भविष्य को लेकर असमंजस में थे।
वेरिफिकेशन की कमान अधिकारियों के हाथ
सिर्फ आवेदन करना ही काफी नहीं है, बल्कि विभाग के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) पर भी बड़ी जिम्मेदारी डाली गई है। पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों और सेवा रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने के लिए अधिकारियों को 25 अप्रैल तक का समय दिया गया है। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कर्मचारी को 'सेवा सुरक्षा' का प्रमाणपत्र मिल सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी ताकि केवल वास्तविक और पात्र कर्मचारियों को ही इस नीति का लाभ मिल सके।
15 मई तक सृजित होंगे नए पद
इस पूरी कवायद का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मई महीने में आएगा। वेरिफिकेशन प्रक्रिया सफल होने के बाद, वित्त विभाग उन सभी पात्र कर्मचारियों के लिए 15 मई तक अतिरिक्त पदों का सृजन करेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि ये कर्मचारी भले ही पक्के (Regular) न हों, लेकिन उनकी स्थिति लगभग स्थायी कर्मचारियों जैसी ही होगी। उन्हें न केवल जॉब सिक्योरिटी मिलेगी, बल्कि समय-समय पर मानदेय में वृद्धि का लाभ भी मिल सकेगा। हरियाणा सरकार का यह दांव आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और कर्मचारी संगठनों के रुख को बदलने वाला साबित हो सकता है।