होटल पार्क प्लाजा विवाद: जालंधर में होटल तोड़ने पर बवाल, भाजपा के 30 नेताओं को कोर्ट से राहत
Mar 18, 2026 5:21 PM
चंडीगढ़: पंजाब के जालंधर शहर में सिविल लाइंस स्थित होटल पार्क प्लाजा के कुछ हिस्से को गिराने को लेकर बुधवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विरोध के दौरान हिरासत में लिए गए भाजपा नेताओं को सुबह साढ़े 9 बजे सेशन कोर्ट में पेश किया गया। इनमें पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल शामिल थे। करीब तीन घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी 30 नेताओं को जमानत दे दी।
होटल तोड़ने की कार्रवाई से बढ़ा विवाद
जालंधर के सिविल लाइंस इलाके में स्थित होटल पार्क प्लाजा पर नगर निगम की कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। जानकारी के अनुसार 17 मार्च की शाम करीब साढ़े 6 बजे कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीन चलाकर होटल के सामने के छज्जे और दो पिलर गिरा दिए थे। निगम ने इस हिस्से को अवैध निर्माण बताया था।
भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी और पेशी
होटल तोड़ने का विरोध करने पर भाजपा के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इनमें सुशील कुमार रिंकू, मनोरंजन कालिया और शीतल अंगुराल प्रमुख रूप से शामिल थे। तीनों को थाना सदर में रातभर रखा गया और उन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। इसके बाद बुधवार सुबह उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट ने दी जमानत
सेशन कोर्ट में करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद सभी 30 नेताओं को जमानत दे दी गई। वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया ने बताया कि कोर्ट ने उन्हें पर्सनल बेल बॉन्ड पर रिहा किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और बयान कोर्ट में टिक नहीं पाए।
कोर्ट के बाहर धक्का-मुक्की
जैसे ही जमानत के बाद भाजपा कार्यकर्ता कोर्ट की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
सड़क जाम और धरना प्रदर्शन
इससे पहले भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा जालंधर पहुंचे और कोर्ट रोड पर धरना दिया। पूर्व विधायक केडी भंडारी समेत कई नेताओं ने सड़क जाम कर दी। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिसके चलते बहस भी हुई।
नेताओं के बयान और आरोप
अश्वनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगाया कि वह भाजपा की मोगा रैली से घबराई हुई है और इसी कारण नेताओं पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं शीतल अंगुराल ने कहा कि कोर्ट से जमानत मिलना सच की जीत है और यह लड़ाई वकीलों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीती गई है।