हरियाणा के किसानों की मौज! 2500 नए पटवारियों की भर्ती से अब चुटकियों में होंगे इंतकाल और गिरदावरी
May 04, 2026 12:22 PM
हरियाणा। हरियाणा में जमीन-जायदाद से जुड़े कामों के लिए तहसील और पटवार खानों के चक्कर काट रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने पटवारियों की भारी किल्लत को खत्म करने के लिए कमर कस ली है। अगले सप्ताह तक राज्य को 2500 नए पटवारी मिल जाएंगे, जो अलग-अलग विभागों में अपना कार्यभार संभालेंगे। सबसे अहम बात यह है कि इनमें से 1500 पटवारी सीधे राजस्व विभाग (Revenue Department) को आवंटित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार दोगुनी होने की उम्मीद है।
रोहतक से सिरसा तक खाली पदों का 'अंधेरा' होगा दूर
वर्तमान में हरियाणा के कई जिले पटवारियों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो हिसार, भिवानी और सिरसा जैसे बड़े जिलों में पटवारियों के करीब 60 से 70 फीसदी पद खाली पड़े हैं। यही हाल रोहतक, झज्जर और सोनीपत का है, जहां एक-एक पटवारी के पास कई-कई गांवों का अतिरिक्त प्रभार है। इस कमी का सीधा असर इंतकाल (Mutation), पैमाइश और गिरदावरी जैसे कार्यों पर पड़ रहा था। अब नई नियुक्तियों से न केवल कर्मचारियों का बोझ कम होगा, बल्कि किसानों को फसल खराबे के आकलन और मुआवजे के समय आने वाली दिक्कतों से भी निजात मिलेगी।
सिर्फ राजस्व नहीं, इन 8 विभागों में भी होगी तैनाती
सरकार ने इस बार व्यापक रणनीति के तहत नियुक्तियों का खाका तैयार किया है। ये 2500 पटवारी केवल तहसील कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगे। इन्हें चकबंदी विभाग, नगर एवं ग्राम आयोजन, वन विभाग, गुरुग्राम नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), शहरी स्थानीय निकाय और लोक निर्माण विभाग (PWD) में भी भेजा जाएगा। इन नियुक्तियों का सबसे बड़ा फायदा 'मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना' और लाल डोरा मुक्त क्षेत्र से जुड़े कार्यों में देखने को मिलेगा, जो कर्मचारियों की कमी के कारण कछुआ चाल से चल रहे थे।
प्रशासनिक मजबूती और पारदर्शी सेवाओं का लक्ष्य
हरियाणा सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल विभागीय कामकाज सुचारू होगा, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। जब काम समय पर होगा, तो बिचौलियों की भूमिका अपने आप खत्म हो जाएगी। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल करने और इंतकाल की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में ये नए पटवारी 'गेम चेंजर' साबित हो सकते हैं। अगले कुछ दिनों में जिलावार आवंटन के बाद ये नए कर्मचारी फील्ड में नजर आएंगे, जिससे सरकारी सेवाओं की डिलीवरी की गति में बड़ा सुधार होने जा रहा है।