आंधी में टूटी पेड़ की टहनी ने छीन ली ट्यूबवेल ऑपरेटर की जिंदगी, घर लौटते वक्त हुआ शिकार
May 04, 2026 2:21 PM
फतेहाबाद (जग मार्ग)। रविवार रात चली धूल भरी तेज आंधी फतेहाबाद जिले के गांव इंदाछुई के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ लेकर आई। ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे जन स्वास्थ्य विभाग (पब्लिक हेल्थ) के एक ट्यूबवेल ऑपरेटर की सड़क पर पेड़ की टहनी गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा गांव चंदड़ खुर्द के पास हुआ, जहां आंधी के चलते एक विशालकाय पेड़ की सूखी टहनी सीधे स्कूटी सवार पर आ गिरी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर जांच शुरू कर दी है।
बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक की पहचान 39 वर्षीय आदेश कुमार के रूप में हुई है। आदेश हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत गांव चंदड़ में ट्यूबवेल ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। रविवार देर रात जब वे अपनी ड्यूटी पूरी कर स्कूटी से वापस घर की ओर जा रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी। चंदड़ खुर्द के पास सड़क किनारे लगे एक पेड़ की भारी-भरकम टहनी टूटकर उनके ऊपर आ गिरी। इससे पहले कि आदेश कुछ समझ पाते, स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और वे लहूलुहान होकर सड़क पर जा गिरे। राहगीरों ने आनन-फानन में उन्हें टोहाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दुखद हादसे ने दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया छीन लिया है। आदेश अपने पीछे पत्नी के अलावा 7 और 5 साल की दो छोटी बेटियां छोड़ गए हैं। जवान बेटे की मौत की खबर सुनते ही गांव इंदाछुई में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर खासा रोष है कि प्रशासन सड़कों के किनारे खड़े खतरनाक और सूखे पेड़ों की सुध नहीं ले रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले साल भी डांगरा रोड पर ठीक इसी तरह के हादसे में एक युवक की जान गई थी।
विभाग देगा अनुकंपा पर नौकरी
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रामरखा ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि आदेश कुमार विभाग में निष्ठा के साथ काम कर रहे थे। विभागीय नियमों के अनुसार, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी ताकि बेसहारा हुए परिवार को कुछ संबल मिल सके। फिलहाल सदर थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़कों के किनारे खड़े उन तमाम पेड़ों को चिन्हित कर तुरंत कटवाया जाए जो राहगीरों के लिए 'मौत का फंदा' बने हुए हैं।