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ड्रग्स के खिलाफ कुरुक्षेत्र पुलिस की बड़ी जीत, जागरूकता की हाफ सेंचुरी के बाद अब तस्करी पर वार

May 04, 2026 1:46 PM

कुरुक्षेत्र (जग मार्ग)। नशामुक्त हरियाणा के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कुरुक्षेत्र की धरती पर एक खास उपलब्धि हासिल की है। रविवार को चालक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित एक दिवसीय शिविर के साथ ब्यूरो ने जिले में जागरूकता कार्यक्रमों का '500वां पड़ाव' पूरा किया। इस मील के पत्थर को छूते हुए ब्यूरो ने न केवल चालकों को नशे के घातक परिणामों के प्रति सचेत किया, बल्कि इसे अपराध की जननी भी बताया।

सड़क पर 'तीन दुश्मनों' से बचने की सलाह

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और ब्यूरो के जागरूकता व पुनर्वास प्रभारी, उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा को नशे से जोड़ते हुए एक बड़ा सूत्र दिया। डॉ. वर्मा ने कहा, "एक सुरक्षित चालक के लिए सड़क पर तीन सबसे बड़े शत्रु हैं— नींद, क्रोध और नशा। इनमें से कोई भी एक अगर चालक पर हावी हुआ, तो सफर का अंत सुखद नहीं होगा।" उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े गवाह हैं कि अधिकांश आपराधिक वारदातों के पीछे नशा ही मुख्य उत्प्रेरक का काम करता है।

साठ से अधिक प्रशिक्षुओं ने ली शपथ

संस्थान के प्रभारी बलबीर सैनी की देखरेख में आयोजित इस शिविर में 63 प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने नशे के प्रकार, इसके सामाजिक व आर्थिक दुष्प्रभावों और इससे बचाव के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। प्रयास फाउंडेशन के प्रधान नरेश सैनी ने भी इस मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सामाजिक संस्थाओं की भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को एक सुर में नशामुक्त जीवन जीने और समाज को इस बुराई से बचाने की शपथ दिलाई गई।

ब्यूरो की अपील: तस्करी दिखे तो तुरंत करें डायल

ब्यूरो ने इस 500वें कार्यक्रम के माध्यम से जिले के नागरिकों से एक बार फिर अपील की है कि वे नशे के कारोबार को खत्म करने में पुलिस की आंख और कान बनें। अधिकारियों ने कहा कि यदि कहीं भी नशा तस्करी या अवैध बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। 500 कार्यक्रमों की यह श्रृंखला दर्शाती है कि कुरुक्षेत्र में नशे के खिलाफ एक मौन क्रांति चल रही है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को इस दलदल से बचाना है। अब जिम्मेदारी समाज की है कि वह पुलिस के इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दे।


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