हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: ओलावृष्टि और बारिश का येलो अलर्ट, किसानों की बढ़ी धड़कनें
Mar 14, 2026 9:46 AM
हरियाणा। चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मार्च की शुरुआत से ही समय से पहले दस्तक दे चुकी गर्मी पर अब कुदरत ब्रेक लगाने जा रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान ने प्रदेश के लोगों को दोहरी चिंता में डाल दिया है। एक तरफ जहां सूरज की तपिश और लू जैसे हालात से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ ओलावृष्टि की आशंका ने उन किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है, जिनकी गेहूं और सरसों की फसलें कटाई के मुहाने पर खड़ी हैं।
इन जिलों में दिखेगा आसमानी आफत का असर
मौसम विभाग ने विशेष रूप से हरियाणा के उत्तरी बेल्ट को सतर्क रहने की सलाह दी है। 15 और 16 मार्च को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल जिलों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रह सकता है। विभाग के मुताबिक, इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने के आसार हैं। ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो 17 मार्च तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है।
तापमान में गिरावट लेकिन खेतों में टेंशन
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश का पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर चल रहा है। भिवानी में अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जिसने समय से पहले ही मई-जून जैसी तपिश का अहसास करा दिया था। आने वाले दो दिनों में पारे में 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, मौसम का यह बदलाव आम जनता के लिए सुकून भरा हो सकता है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय होने वाली बारिश और ओले पकी हुई फसलों के लिए 'जहर' के समान साबित हो सकते हैं।
रातें हुईं गर्म, अब बारिश से बदलेगा समीकरण
हैरानी की बात यह है कि अधिकतम तापमान के साथ-साथ अब न्यूनतम पारे में भी उछाल देखा जा रहा है। करनाल में रात का तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। आसमान में छाई हल्की बादलवाई की वजह से उमस और गर्मी का मिला-जुला असर दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव आ रहा है, जिसका सीधा असर हरियाणा की आबोहवा पर पड़ेगा।