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सावधान! हरियाणा में 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी

Mar 23, 2026 10:25 AM

हरियाणा। हरियाणा के आसमान पर बादलों के डेरे और सुबह-सुबह हुई झमाझम बारिश ने मार्च की तपिश को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। प्रदेश के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर और हिसार समेत कई जिलों में सोमवार सुबह की शुरुआत गरज-चमक के साथ हुई। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हलचल बढ़ा दी है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र ने साफ कर दिया है कि आने वाले दो दिनों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है।

दक्षिण से लेकर उत्तर हरियाणा तक मौसम हुआ गुलजार

सोमवार तड़के मेवात, पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम के इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। वहीं, सिरसा, फतेहाबाद और चरखी दादरी जैसे जिलों में भी बादल जमकर बरसे, जिससे पारे में अचानक गिरावट आ गई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में साफ दिख रहा है। 22 और 23 मार्च के दौरान मौसम में आंशिक बदलाव जारी रहेगा, जिससे सुबह-शाम गुलाबी ठंड का अहसास और गहरा गया है।

किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, फसल पर संकट

भले ही यह मौसम आम लोगों को गर्मी से राहत दे रहा हो, लेकिन अन्नदाता के लिए यह किसी आफत से कम नहीं है। प्रदेश में गेहूं की फसल कटाई के करीब है और ऐसे में तेज हवाओं के साथ बारिश 'सोने' जैसी फसल को मिट्टी में मिला सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 25 और 28 मार्च को आने वाले अगले दो विक्षोभों के कारण ओलावृष्टि होती है, तो दाना काला पड़ने और फसल गिरने से पैदावार में भारी कमी आ सकती है। हिसार और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम बारिश ने पहले ही खेतों में नमी बढ़ा दी है।

सेहत का रखें ख्याल, वायरल का बढ़ रहा खतरा

मौसम में आए इस अचानक बदलाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। कभी धूप तो कभी बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे खांसी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन और डायरिया जैसी बीमारियां पैर पसार रही हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में खान-पान और कपड़ों का विशेष ध्यान रखें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवाओं से बचाना जरूरी है, क्योंकि रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

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