हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: मार्च की गर्मी गायब, अब ओलावृष्टि और आंधी का डर
Mar 22, 2026 10:17 AM
हरियाणा। हरियाणा के आसमान पर बादलों का डेरा और ठंडी हवाओं की जुगलबंदी ने एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र की मानें तो आने वाले दो-तीन दिन प्रदेश के लिए काफी भारी रहने वाले हैं। राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही आंशिक बादल छाये हुए हैं और धूप-छांव का खेल जारी है।
न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट ने मार्च के महीने में भी जनवरी जैसी सिहरन पैदा कर दी है, जिससे दिन के समय भी लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई मुसीबत, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, आज यानी 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
सबसे ज्यादा डर उन किसानों को है जिनकी गेहूं की फसल पकने की कगार पर है। दरअसल, तेज हवाओं के साथ होने वाली 'बिखराव वाली बारिश' फसल को जमीन पर बिछा देती है, जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने का खतरा बढ़ जाता है।
200MM बारिश के जख्म अभी हरे, फिर कुदरत की मार का अंदेशा
प्रदेश में किसान अभी पिछले हफ्ते हुई तबाही से उभरे भी नहीं थे कि नई चेतावनी आ गई। 19 और 20 मार्च को हरियाणा के कई जिलों में रिकॉर्ड 200MM तक बारिश दर्ज की गई थी, जिसने खेतों को जलमग्न कर दिया था। अब मौसम बुलेटिन में बताया गया है कि पारा सामान्य से 5-7 डिग्री नीचे गिर चुका है।
कृषि जानकारों का कहना है कि अगर मार्च के अंत तक इसी तरह मौसम खराब रहा, तो इस बार रबी की फसल के उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ेगा। फिलहाल, प्रशासन ने भी किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।