हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: करनाल में गिरे ओले, 13-14 अप्रैल को फिर बारिश का अलर्ट
Apr 12, 2026 9:59 AM
हरियाणा। हरियाणा के खेतों में जब गेहूं की सुनहरी बालियां कटने को तैयार हैं, ठीक उसी वक्त मौसम ने अपनी चाल बदल ली है। कल रात करनाल के तरावड़ी और नीलोखेड़ी बेल्ट में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिला, जहां करीब 20 मिनट तक हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। आसमान में बादलों की लुका-छिपी के बीच अब किसानों ने मशीनें तेज कर दी हैं ताकि बारिश आने से पहले अनाज सुरक्षित मंडियों या घरों तक पहुंच सके।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता: 13 और 14 अप्रैल को बारिश के आसार
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज रात से उत्तर भारत के पहाड़ों पर एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। इसका सीधा असर हरियाणा के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। विशेषकर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और यमुनानगर के आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि हालांकि यह विक्षोभ बहुत ज्यादा शक्तिशाली नहीं है, लेकिन कटाई के इस नाजुक समय में मामूली बारिश भी फसल की गुणवत्ता और चमक को नुकसान पहुंचा सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव: फिलहाल 'लू' से राहत, पर गर्मी की आहट शुरू
राज्य के तापमान की बात करें तो दिन में तेज धूप और रात की नमी के कारण पारा सामान्य के इर्द-गिर्द घूम रहा है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की मामूली वृद्धि हुई है, जिसमें गुरुग्राम 34.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। वहीं, झज्जर और महेंद्रगढ़ जैसे दक्षिण हरियाणा के जिलों में न्यूनतम तापमान अभी भी सामान्य से थोड़ा कम बना हुआ है। राहत की बात यह है कि अप्रैल के मध्य तक अभी राज्य में झुलसाने वाली लू (Heatwave) चलने के कोई आसार नहीं हैं।
अप्रैल के अंत में दिखेगा मौसम का 'रौद्र रूप'
आने वाले दिनों में जैसे ही पश्चिमी शुष्क हवाएं चलना शुरू होंगी, वातावरण की नमी कम हो जाएगी और पारे में उछाल देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अप्रैल के आखिरी 15 दिनों में दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में मौसम बड़े उलटफेर दिखा सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की पल-पल की जानकारी रखें और कटी हुई फसल को ढकने या सुरक्षित स्थान पर रखने का इंतजाम पुख्ता रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।