हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: 14 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल
Mar 28, 2026 9:51 AM
हरियाणा। चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम की लुकाछिपी ने लोगों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहां मार्च के अंत में सूरज के तेवर तीखे होने शुरू हुए थे, वहीं अब 'वेस्टर्न डिस्टरबेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) ने दस्तक देकर पूरे समीकरण बदल दिए हैं। शनिवार सुबह से ही ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन यह राहत आफत भी बन सकती है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा असर हरियाणा के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है।
14 जिलों में 60 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों ने उत्तर से लेकर दक्षिण हरियाणा तक अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल से लेकर दिल्ली-एनसीआर से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल तक में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 मार्च को पूरे प्रदेश के लिए 'येलो अलर्ट' प्रभावी रहेगा। इसके बाद 30 मार्च को कुछ चुनिंदा हिस्सों में और फिर 1 अप्रैल को छिटपुट बूंदाबांदी के साथ बादल गरजने की आशंका जताई गई है।
तापमान के गणित ने बढ़ाई उलझन
अगर पारे की चाल को देखें तो राज्य में अजीब स्थिति बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान दिन के अधिकतम तापमान में करीब 2.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे दोपहर की जलन कम हुई है। इसके उलट, रात के तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि बादलों की चादर के कारण रात की गर्मी बाहर नहीं निकल पा रही है, जिससे न्यूनतम तापमान बढ़ा हुआ महसूस हो रहा है। आने वाले तीन-चार दिनों तक पारा इसी तरह गोते खाता रहेगा।
किसानों के लिए संकट: कटाई रोकें या बचाएं?
यह समय हरियाणा के किसानों के लिए बेहद संवेदनशील है। गेहूं की फसल पककर तैयार है और कटाई का काम जोरों पर है। ऐसे में बारिश और तेज हवाएं फसल को बिछा सकती हैं, जिससे दाना काला पड़ने या गिरने का डर है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो कटी हुई फसल को तिरपाल से ढंक दें और मड़ाई (थ्रेसिंग) का काम मौसम साफ होने तक टाल दें। साथ ही, आंधी के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की हिदायत भी दी गई है।